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March 6, 2026 12:46 am

छत्तीसगढ़ बना लीथियम खदान की नीलामी करने वाला देश का पहला राज्य

खनिज राजस्व में ऐतिहासिक वृद्धि, डीएमएफ के तहत 75 हजार से अधिक कार्य पूर्ण

रायपुर, 15 जनवरी।छत्तीसगढ़ राज्य खनिज संसाधनों के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार द्वारा खनिजों के नियोजित विकास और वैज्ञानिक दोहन के परिणामस्वरूप खनिज राजस्व में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ लीथियम खदान की नीलामी करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

सचिव भौमिकी एवं खनिकर्म पी. दयानंद ने बुधवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि राज्य गठन के समय जहां खनिज राजस्व 429 करोड़ रुपये था वहीं रजत जयंती वर्ष 2024-25 तक यह बढ़कर 14,592 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक खनिजों से लगभग 10,345 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है, जबकि वित्तीय वर्ष के अंत तक लगभग 17,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में राज्य अग्रसर है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ देश के कुल खनिज उत्पादन में औसतन 17 प्रतिशत की हिस्सेदारी निभा रहा है तथा राज्य के सकल घरेलू उत्पाद जीडीपी में खनिज क्षेत्र का योगदान लगभग 10 प्रतिशत है।

श्री दयानंद ने जानकारी दी कि खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी प्रधानमंत्री खनिज कल्याण क्षेत्र योजना (पीएमकेकेकेवाई) गाइडलाइन-2024 के मार्गदर्शी सिद्धांतों को अपनाते हुए छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम 2015 में संशोधन किए गए हैं। अब तक डीएमएफ के अंतर्गत 16,742 करोड़ रुपये का अंशदान प्राप्त हुआ है, जिसके माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों और लोगों के विकास हेतु 1,07,689 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 75,901 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष प्रगतिरत हैं।

उन्होंने बताया कि डीएमएफ निधि के प्रभावी उपयोग, समुचित निगरानी, वित्तीय स्वीकृति प्रबंधन नियंत्रण और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के डीएमएफ पोर्टल की तर्ज पर राज्य में डीएमएफ पोर्टल 2.0 लागू किया गया है।

सचिव पी दयानंद ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा खनिज एवं खान विकास एवं विनियमन अधिनियम, 1957 में संशोधन कर देश में खनिजों की खोज को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण एवं विकास न्यास एनएमईडीटी का गठन किया गया है। इस मद में वर्ष 2015-16 से दिसंबर 2025 तक कुल 1,159 करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए क्रिटिकल मिनरल्स को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। इसी दिशा में भारत सरकार द्वारा नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन लागू किया गया है, जिससे क्रिटिकल खनिजों की खोज और दोहन को प्रोत्साहन मिल रहा है।

श्री दयानंद ने बताया कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां लीथियम खदान की नीलामी की गई है। केंद्र सरकार द्वारा कोरबा जिले के कटघोरा तहसील अंतर्गत लीथियम एवं दुर्लभ खनिजों की नीलामी की गई है। राज्य में लीथियम खदान के विकास से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वर्तमान समय में क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की महत्ता को देखते हुए सुकमा और बस्तर जिलों के बेंगपाल, एलिंगनार और कोमाकोलेंग क्षेत्रों में लीथियम, नियोबियम, टैंटेलम एवं आरईई  रेयर अर्थ एलिमेंट्स खनिजों की खोज के लिए अधिसूचित निजी क्षेत्र की अन्वेषण एजेंसियों के माध्यम से एनएमईटी के तहत एक परियोजना स्वीकृत की गई है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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