(धनंजय राठौर संयुक्त संचालक, लक्ष्मीकांत कोसरिया उप संचालक जनसंपर्क द्वारा)
रायपुर छत्तीसगढ़।दृढ़ संकल्प और निरंतर परिश्रम से व्यक्ति न केवल स्वयं की आर्थिक स्थिति सुधार सकता है, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। राजनांदगांव जिले के वैशाली नगर निवासी प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) का लाभ उठाकर स्वरोजगार की दिशा में सशक्त कदम बढ़ाया है।

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना भारत सरकार की केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसका उद्देश्य खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के सूक्ष्म उद्यमों को प्रोत्साहन देना, उन्हें औपचारिक स्वरूप प्रदान करना तथा उनकी आय में वृद्धि करना है। योजना के अंतर्गत पात्र उद्यमियों को परियोजना लागत का 35 प्रतिशत तक, अधिकतम 10 लाख रुपये की ऋण आधारित सब्सिडी के साथ-साथ प्रशिक्षण, ब्रांडिंग और विपणन संबंधी सहायता प्रदान की जाती है।
लघुवनोपज आधारित उद्योग की स्थापना

देशपांडे ने प्रदेश में उपलब्ध लघुवनोपज की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए चिरौंजी, हर्रा एवं बहेरा आधारित प्रोसेसिंग उद्योग की स्थापना की। उद्योग के लिए मशीनरी एवं शेड निर्माण हेतु कुल 5 लाख 50 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया, जिसमें से 2 लाख 13 हजार 500 रुपये की अनुदान राशि योजना के तहत प्राप्त हुई।
महिला स्वसहायता समूहों को मिला रोजगार
उद्योग की स्थापना के साथ ही कौरिनभाठा स्थित संस्कारधानी महिला कृषक अभिरुचि स्वसहायता समूह की महिलाओं को रोजगार से जोड़ा गया। इससे महिलाओं को नियमित आय का साधन प्राप्त हुआ और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया।
आधुनिक मशीनों से बढ़ी उत्पादन क्षमता
योजना से प्राप्त सहायता राशि से आईटीआई मुंबई निर्मित चिरौंजी डिकॉल्डीकेटर मशीन क्रय की गई, जिससे चिरौंजी की गिरी निकालने के साथ-साथ छिलकों से चारकोल निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त हर्रा-बहेरा डिकॉल्डीकेटर मशीन के माध्यम से छाल पृथक्करण तथा गिरी से तेल निष्कर्षण का कार्य भी किया जा रहा है, जिससे मूल्य संवर्धन में वृद्धि हुई है।
सोलर ऊर्जा से संचालित प्रोसेसिंग यूनिट
ग्रामीण एवं वनीय क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की सीमाओं को देखते हुए प्रोसेसिंग यूनिट को सोलर प्लांट से संचालित किया जा रहा है। इससे बिजली लागत शून्य हो गई है और उत्पादन कार्य में निरंतरता बनी हुई है।
चार राज्यों तक फैला कारोबार

चिरौंजी, हर्रा और बहेरा उत्पादों की निरंतर मांग के चलते व्यवसाय का विस्तार छत्तीसगढ़ के साथ महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा तक हो चुका है। इस उद्योग से श्री देशपांडे को प्रतिवर्ष लगभग चार लाख रुपये की आय हो रही है।
वन संरक्षण और आजीविका का समन्वय
इस पहल से लघुवनोपज के संग्रहण, पौध संरक्षण तथा सतत आजीविका के प्रति स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ी है। साथ ही, स्वसहायता समूहों को रोजगार मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिला है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति आभार

प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना को स्वरोजगार के लिए प्रभावी बताते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
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