बिलासपुर। जिले में अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने व्यापक स्तर पर सघन अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस की टीमों ने आधी रात बदमाशों के घरों पर दबिश दी और जिलेभर में कॉम्बिंग गश्त की। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई इस कार्रवाई में कुल 140 वारंटी, फरार आरोपी, गुंडा और निगरानी बदमाशों को गिरफ्तार किया गया।

एएसपी पंकज पटेल ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ कॉम्बिंग गश्त चलाई गई। एसीसीयू की टीम के साथ ही सीएसपी और एसडीओपी की निगरानी में सभी थाना प्रभारियों के नेतृत्व में यह विशेष अभियान तड़के शुरू किया गया। अभियान के दौरान पुलिस बल ने संवेदनशील क्षेत्रों, बदमाशों के संभावित ठिकानों, सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख मार्गों पर सघन चेकिंग की। रविवार की रात जिले के शहरी और ग्रामीण थाना क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर यह कार्रवाई की गई। इस दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 30 स्थायी वारंटी, 69 गिरफ्तारी वारंटी, 23 फरार आरोपी तथा छह गुंडा और निगरानी बदमाश शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी से जिले में अपराध नियंत्रण को मजबूती मिलेगी और आमजन में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा। अभियान के तहत अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई। कॉम्बिंग गश्त और चेकिंग के दौरान थाना तोरवा, सिविल लाइन, कोनी और चकरभाठा क्षेत्र से पांच लोगों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से चालू हालत के हथियार और धारदार हथियार बरामद किए गए हैं। सभी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पेंडिंग शिकायतों का हुआ निराकरण
पुलिस ने इस अभियान के दौरान थानों में लंबित शिकायतों के निराकरण पर भी विशेष ध्यान दिया। शनिवार और रविवार को जिले के सभी थाना क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर नागरिकों से प्राप्त लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया गया। इस दौरान कुल 248 शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। इनमें 125 सामान्य शिकायतें और 123 स्थानीय शिकायतें शामिल थीं। शिकायतों में आपसी विवाद, मोहल्ला स्तर के झगड़े, अतिक्रमण, शांति भंग की आशंका, पारिवारिक विवाद और अन्य जनसमस्याएं प्रमुख रहीं। पुलिस अधिकारियों और थाना स्टाफ ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से संवाद किया और कानूनी प्रक्रिया के तहत समस्याओं का समाधान कराया।
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