रायपुर। छत्तीसगढ़ में वस्तु एवं सेवा कर जीएसटी चोरी के मामलों को लेकर स्टेट जीएसटी विभाग ने शिकंजा और कस दिया है। बिलासपुर में तीन बड़े कोयला कारोबारी समूहों पर की गई बड़ी कार्रवाई के बाद अब विभाग ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए कोरबा और रायपुर में एक साथ छापेमारी की है। इस कार्रवाई से प्रदेश के कोयला कारोबार में हड़कंप की स्थिति बन गई है।
जानकारी के अनुसार, स्टेट जीएसटी की टीम ने कोरबा जिले में दो प्रमुख कोयला कारोबारियों और राजधानी रायपुर में एक बड़े कारोबारी के कार्यालय, गोदाम तथा अन्य व्यावसायिक परिसरों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, इनवॉइस, ई-वे बिल, बहीखाते और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि इन कारोबारियों द्वारा बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी किए जाने की आशंका है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में कई संदिग्ध लेन-देन सामने आए हैं। विभाग को उम्मीद है कि जांच पूरी होने पर टैक्स चोरी से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य और वास्तविक कर देयता स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल कार्रवाई जारी है और आधिकारिक आंकड़े जांच के समापन के बाद ही सार्वजनिक किए जाएंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले बिलासपुर में स्टेट जीएसटी विभाग ने महावीर कोल वाशरी और पारस कोल एंड बेनिफिकेशन के ठिकानों के साथ एक और अन्य वाशरीफिल ग्रुप पर व्यापक छापेमारी की थी। इस कार्रवाई को प्रदेश में जीएसटी चोरी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना गया। विस्तृत जांच के बाद इन तीनों कारोबारी समूहों ने कुल 27 करोड़ 61 लाख रुपये विभाग को सरेंडर किए थे। विभागीय जानकारी के अनुसार, महावीर कोल वाशरी ग्रुप ने लगभग 10 करोड़ रुपये, फिल ग्रुप ने करीब 11 करोड़ रुपये, जबकि पारस कोल वाशरी ने लगभग 6.50 करोड़ रुपये का कर सरेंडर किया था।
इन मामलों में जीएसएटी चोरी से संबंधित आगे की कानूनी प्रक्रिया भी जारी है। विभाग ने साफ किया है कि केवल कर राशि वसूलने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नियमों के तहत दंडात्मक प्रावधानों के अनुसार सख्त कदम भी उठाए जाएंगे।
स्टेट जीएसएटी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि कोयला कारोबार में इनपुट टैक्स क्रेडिट के दुरुपयोग, फर्जी बिलिंग और लेन-देन में अनियमितताओं की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर प्रदेशभर में विशेष निगरानी और छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। विभाग ने सभी व्यापारियों और उद्योगपतियों से अपील की है कि वे अपने कर दायित्वों का समय पर और सही तरीके से निर्वहन करें, अन्यथा कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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