संपादक की जिम्मेदारी पाठकों के बीच विश्वास पैदा करना : प्रो. अखिलेश कुमार दुबे
CBN36 वर्धा, 24 सितंबर। पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, सामाजिक सरोकारों और डिजिटल युग में मीडिया के सामने आ रही चुनौतियों एवं संभावनाओं को लेकर महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र, प्रयागराज में जनसंचार विभाग की ओर से ‘संपादक से संवाद’ परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दैनिक जागरण, प्रयागराज के संपादक श्याम मिश्र मुख्य वक्ता रहे।
श्याम मिश्र ने कहा कि डिजिटल क्रांति के दौर में सूचनाओं की गति तेजी से बढ़ी है, लेकिन खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखना पत्रकारिता के सामने बड़ी चुनौती है। संपादक का कार्य केवल खबरों का चयन करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति जवाबदेही तय करना भी है। उन्होंने कहा कि मीडिया संस्थानों में प्रूफरीडिंग और संपादन के लिए तकनीक तथा एआई का प्रयोग बढ़ रहा है, लेकिन किसी खबर को मानवीय संवेदना से जोड़ने का कार्य एक सजग पत्रकार ही कर सकता है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में ‘ट्रस्ट’ और ‘अटेंशन’ दोनों को साथ लेकर चलना जरूरी है। खबरों की प्रस्तुति के साथ उनके निहितार्थ पर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
क्षेत्रीय केंद्र, प्रयागराज के अकादमिक निदेशक प्रो. अखिलेश कुमार दुबे ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी और मदन मोहन मालवीय पत्रकारिता के पितामह हैं। संपादक का पद जिम्मेदारी का पद है और उसका प्रमुख दायित्व पाठकों के बीच विश्वास पैदा करना है। उन्होंने कहा कि विवेक, विचार और चिंतन के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए पाठकों की चेतना को जागृत करना पत्रकार का महत्वपूर्ण कार्य है।
विद्यार्थियों ने पूछे पत्रकारिता से जुड़े सवाल

परिचर्चा के दौरान जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों प्रज्ञा भारती, अजय कुमार, संदीप सरोज, फिल्म अध्ययन के शिवानंद शास्त्री और साहित्य के शोधार्थी दीपेश कुमार सहित अन्य विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने पत्रकारिता और संपादन से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे। श्याम मिश्र ने सवालों का सरलता से जवाब देते हुए विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत अकादमिक निदेशक प्रो. अखिलेश कुमार दुबे और मुख्य वक्ता श्याम मिश्र ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की। अकादमिक निदेशक ने श्याम मिश्र का विश्वविद्यालय का स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। जनसंचार विभाग के अतिथि अध्यापक डॉ. चंद्र मणि ने अकादमिक निदेशक प्रो. अखिलेश कुमार दुबे का पुष्प देकर स्वागत किया। स्त्री अध्ययन विभाग की अध्यक्ष डॉ. अवंतिका शुक्ला ने स्वागत वक्तव्य दिया।
कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन जनसंचार विभाग के सहायक आचार्य डॉ. अख्तर आलम ने किया। धन्यवाद ज्ञापन अनुवाद अध्ययन विभाग की सहायक आचार्य डॉ. हरप्रीत कौर ने किया। इस अवसर पर डॉ. मिथिलेश कुमार तिवारी, डॉ. यशार्थ मंजुल, डॉ. सत्यवीर, डॉ. विजया सिंह, डॉ. सुरभि विप्लव, राहुल चंद्र रवि, रुशिका निधि, स्वाति पांडेय, सृष्टि गुप्ता, ज्योति अतरोलिया सहित अन्य शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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