
“एसएसपी आईपीएस रजनेश सिंह ने इस सफलता के लिए सभी अधिकारियों, थाना प्रभारियों और विवेचकों की सराहना करते हुए कहा कि आगे भी इसी प्रतिबद्धता के साथ काम जारी रहेगा,ऑपरेशन मुस्कान में 69 बच्चों की दस्तयाबी के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा, जबकि ऑपरेशन तलाश में 579 लोगों की बरामदगी के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया”
बिलासपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के नेतृत्व और सख्त मॉनिटरिंग में बिलासपुर पुलिस ने एक माह के भीतर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य स्तर पर चलाए गए ऑपरेशन मुस्कान एवं ऑपरेशन तलाश अभियान में जिले की पुलिस ने कुल 648 अपहृतों को दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया है।
अप्रैल माह में चले इस विशेष अभियान के दौरान ऑपरेशन मुस्कान के तहत 69 बालक-बालिकाओं तथा ऑपरेशन तलाश के तहत 579 महिला एवं पुरुषों को सकुशल बरामद किया गया। इस उपलब्धि के साथ बिलासपुर ने प्रदेश में उल्लेखनीय स्थान हासिल किया है।
एसएसपी रजनेश सिंह ने अभियान की खुद कमान संभालते हुए जिले के सभी लंबित मामलों की लगातार समीक्षा की। उन्होंने राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण में संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
एसएसपी सिंह के निर्देश पर तकनीकी संसाधनों और मुखबिर तंत्र को और मजबूत किया गया, जिससे कई मामलों में अपहृतों की लोकेशन अन्य राज्यों में ट्रेस की गई। इसके बाद विशेष टीमों को महाराष्ट्र और ओडिशा सहित विभिन्न स्थानों पर रवाना किया गया। पुलिस ने महाराष्ट्र से 2 और ओडिशा से 1 बालिका को बरामद किया, जबकि राज्य के भीतर भी बड़ी संख्या में लोगों को खोजा गया।
अभियान के दौरान पुलिस की सक्रियता का असर यह रहा कि कई बिछड़े परिवार फिर से एक हो सके। परिजनों के चेहरों पर लौटी मुस्कान ने पुलिस के प्रयासों को सार्थक बनाया।
एसएसपी आईपीएस रजनेश सिंह ने इस सफलता के लिए सभी अधिकारियों, थाना प्रभारियों और विवेचकों की सराहना करते हुए कहा कि आगे भी इसी प्रतिबद्धता के साथ काम जारी रहेगा।उल्लेखनीय है कि ऑपरेशन मुस्कान में 69 बच्चों की दस्तयाबी के साथ बिलासपुर जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा, जबकि ऑपरेशन तलाश में 579 लोगों की बरामदगी के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
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