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March 20, 2026 7:49 pm

बिलासपुर संभाग के जांजगीर जिले में एसीबी की बड़ी कार्रवाई,चार अधिकारी-कर्मचारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, डीएसपी अजितेश सिंह की टीम की निर्णायक भूमिका

छत्तीसगढ़ ।20 मार्च 2026।भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त अभियान चलाते हुए एसीबी आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो बिलासपुर की टीम ने जांजगीर जिले में दो अलग-अलग ट्रैप कार्रवाई कर कुल चार शासकीय कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इन दोनों कार्रवाईयों में डीएसपी अजितेश सिंह के नेतृत्व में टीम ने प्रभावी रणनीति और सतर्कता का परिचय दिया।

नगर पंचायत नवागढ़ का लेखापाल 8000 रुपए लेते पकड़ा गया

पहली कार्रवाई में नवागढ़ नगर पंचायत के लेखापाल प्रकाश जायसवाल को 8000 रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।

डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया कि नवागढ़ निवासी अब्दुल वहाब ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके फर्म द्वारा वर्ष 2024-25 में किए गए अधोसंरचना एवं मरम्मत कार्यों के लगभग 2.03 लाख रुपए के बिल भुगतान हेतु चेक जारी कराने के एवज में 16,000 रुपए रिश्वत मांगी जा रही थी।

शिकायतकर्ता द्वारा 6000 रुपए पहले ही दिए जा चुके थे और शेष राशि की मांग की जा रही थी। सत्यापन के दौरान आरोपी 10,000 रुपए से घटाकर 8000 रुपए लेने पर सहमत हुआ। इसके बाद एसीबी टीम ने योजना बनाकर ग्राम सेमरा के पास शाह क्रशर के समीप ट्रैप बिछाया और आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। उसके पास से 8000 रुपए बरामद किए गए।

सीएसपीडीसीएल के 3 अधिकारी 35,000 रुपए लेते गिरफ्तार

दूसरी एक बड़ी कार्रवाई में सीएसपीडीसीएल जांजगीर के तीन कर्मचारियों सहायक अभियंता विजय नोर्गे उप अभियंता राजेंद्र शुक्ला सहायक ग्रेड-1 देवेंद्र राठौर को कुल 35,000 रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।

डीएसपी अजितेश सिंह के अनुसार, जांजगीर निवासी प्रदीप यादव ने शिकायत की थी कि फ्लाई ऐश ब्रिक्स प्लांट के लिए ट्रांसफार्मर एवं मीटर लगाने के एवज में रिश्वत मांगी जा रही है। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद एसीबी टीम ने ट्रैप कार्रवाई की।

योजना के तहत शिकायतकर्ता को सीएसपीडीसीएल कार्यालय भेजा गया, जहां उसने उप अभियंता को 10,000 रुपए और सहायक अभियंता के निर्देश पर 25,000 रुपए सहायक ग्रेड-1 को दिए। संकेत मिलते ही एसीबी टीम ने तीनों को मौके पर गिरफ्तार कर लिया और पूरी राशि बरामद कर ली।

एसीबी डीएसपी अजितेश सिंह की सक्रिय भूमिका

इन दोनों कार्रवाईयों में एसीबी बिलासपुर के डीएसपी अजितेश सिंह की रणनीतिक नेतृत्व क्षमता प्रमुख रूप से सामने आई। उन्होंने बताया कि शिकायतों का सूक्ष्म सत्यापन कर सटीक योजना बनाई गई, जिससे आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ना संभव हो सका।उन्होंने स्पष्ट किया कि एसीबी द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर लिप्त अधिकारी-कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

कानूनी कार्रवाई और अपील

दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 एवं 12 के तहत कार्रवाई की जा रही है।एसीबी के डीएसपी अजितेश सिंह ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी लोकसेवक रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल एसीबी को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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