Explore

Search

February 21, 2026 11:20 pm

ट्रांजैक्शन नहीं, ट्रांसफॉर्मेशन बने जीवन का लक्ष्य : राज्यपाल रमेन डेका

समग्र विकास की राह में ड्रॉपआउट सबसे बड़ी चुनौती : राज्यपाल

बिलासपुर, 21 फरवरी।राज्यपाल रमेन डेका ने कहा है कि जीवन का उद्देश्य केवल लेन-देन ट्रांजैक्शन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए सकारात्मक परिवर्तन ट्रांसफॉर्मेशन लाने का भाव होना चाहिए। वे अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में ट्रांसफॉर्मिंग यूनिवर्सिटीज फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट विषय पर आयोजित कुलपतियों के दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रहे थे।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय अब केवल डिग्री प्रदान करने वाले संस्थान नहीं हैं, बल्कि वे विचार, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के केंद्र बन चुके हैं। कुलपति शैक्षणिक नेतृत्व के संवाहक हैं, जिनके निर्णय आने वाली पीढ़ियों की दिशा तय करते हैं। उन्होंने शैक्षणिक सुशासन, गुणवत्ता आश्वासन, शोध, नवाचार और डिजिटल परिवर्तन पर विशेष बल दिया।

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि भारत की प्राचीन शिक्षा व्यवस्था मूल्यनिष्ठ और समृद्ध रही है, किंतु औपनिवेशिक काल में लॉर्ड मैकाले की नीतियों के कारण इसकी दिशा बदली। राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 भारतीय मूल्यों और समग्र विकास की अवधारणा को पुनर्स्थापित करने का सशक्त प्रयास है। इसकी विशेषताओं को समाज तक पहुंचाना और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि समग्र विकास की दिशा में स्कूलों और कॉलेजों में ड्रॉपआउट की समस्या सबसे बड़ी चुनौती है। जब तक विद्यार्थी शिक्षा से निरंतर जुड़े नहीं रहेंगे, तब तक किसी भी नीति का उद्देश्य पूर्ण नहीं हो सकता। डिजिटल युग का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ऑनलाइन संसाधन और डेटा विश्लेषण उच्च शिक्षा के प्रभावी उपकरण हैं, जिनका उपयोग शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए, साथ ही मानवीय मूल्यों को भी सुदृढ़ बनाए रखना आवश्यक है।

राज्यपाल ने शोध और नवाचार को विश्वविद्यालयों की आत्मा बताते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान से ही आत्मनिर्भर भारत की नींव सशक्त होगी। विश्वविद्यालयों को उद्योग, समाज और शासन के साथ समन्वय स्थापित कर नवाचार की संस्कृति विकसित करनी चाहिए।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की त्रैमासिक पत्रिका ‘कन्हार’ का किया विमोचन

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य ए.डी.एन. वाजपेयी ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम निर्माण, दीक्षांत समारोहों के आयोजन तथा समयबद्ध परीक्षा परिणामों के क्षेत्र में विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रशासनिक पारदर्शिता और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है तथा वित्तीय सुदृढ़ीकरण एवं अधोसंरचना विकास की योजनाओं पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।

आयोजित इस सम्मेलन में देश और प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के 42 कुलपति एवं पूर्व कुलपति शामिल हुए। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती पूजा विधानी, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति गिरीश चंद्र त्रिपाठी, कुलसचिव तारणीश गौतम सहित अनेक शिक्षाविद् उपस्थित थे।

इस अवसर पर संभागीय आयुक्त सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, शिक्षकगण एवं विद्यार्थी भी मौजूद रहे। राज्यपाल ने सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

Advertisement Carousel
CRIME NEWS

BILASPUR NEWS