बिलासपुर। केंदा घाटी में सोमवार को एक भीषण सड़क हादसे में कोयले से भरे ट्रेलर के पलटने से ड्राइवर और खलासी की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब ट्रेलर मध्यप्रदेश के धनपुरी स्थित कोल डिपो से कोयला लेकर बिलासपुर की ओर आ रहा था। घाटी क्षेत्र में वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे दोनों चालक दल के सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। खलासी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ड्राइवर ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

पुलिस के अनुसार मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के धनपुरी निवासी उमेश विश्वकर्मा (28) ट्रेलर में खलासी के रूप में कार्यरत थे। सोमवार की रात वे ड्राइवर प्रकाश महरा के साथ कोयला लोड कर बिलासपुर के लिए रवाना हुए थे। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे ट्रेलर केंदा घाटी पहुंचा। घाटी के ढलान और मोड़ के बीच अचानक ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलट गया। वाहन में भरा कोयला सड़क पर बिखर गया और ट्रेलर के नीचे खलासी दब गया। हादसे के बाद पीछे आ रहे एक अन्य वाहन चालक ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही बेलगहना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल राहत कार्य शुरू कराया। क्रेन मंगवाकर ट्रेलर को सीधा करने और उसके नीचे दबे खलासी को निकालने की कार्रवाई की गई। काफी मशक्कत के बाद उमेश विश्वकर्मा को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इधर, गंभीर रूप से घायल ड्राइवर प्रकाश महरा को तत्काल पेंड्रा स्थित अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक बताई। उपचार के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही खलासी के परिजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए थे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और बाद में परिजन को सौंप दिया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि घाटी क्षेत्र में ढलान के दौरान ट्रेलर का संतुलन बिगड़ने से हादसा हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। केंदा घाटी में पहले भी भारी वाहनों के पलटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे इस मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
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