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January 19, 2026 9:04 pm

बस्तर की इमली चटनी को राष्ट्रीय पहचान दिलाएंगी सुकमा की महिलाएं

रायपुर। बस्तर अंचल में इमली से बनी चटनी अपने विशिष्ट स्वाद के लिए जानी जाती है। अब इस पारंपरिक स्वाद को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में सुकमा जिले की महिलाएं अहम भूमिका निभाने जा रही हैं। स्थानीय संसाधनों के उपयोग और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।

वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में बस्तर की प्रसिद्ध इमली से तैयार इमली चटनी को वन धन विकास केंद्र, सुकमा के माध्यम से आधिकारिक रूप से लॉन्च किया जा रहा है। यह पहल न केवल स्थानीय वनोपज का मूल्य संवर्धन करेगी, बल्कि बस्तर की पारंपरिक पहचान को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का प्रयास भी है।

छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा किए गए अनुसंधान और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप इस चटनी का निर्माण किया जा रहा है। वन धन विकास केंद्र से जुड़ी नवा बिहान महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं उत्पादन प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं को निर्माण प्रक्रिया, स्वच्छता मानक, वैज्ञानिक विधि तथा आधुनिक पैकेजिंग से संबंधित विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

प्रशिक्षण के परिणामस्वरूप उत्पाद की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। साथ ही, महिलाओं में आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिल रहा है। बस्तर संभाग में इमली की प्रचुर उपलब्धता को देखते हुए यह पहल स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग का एक सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करती है।

इमली चटनी के उत्पादन से वनोपज संग्राहकों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा। वन विभाग की यह पहल महिला सशक्तिकरण रोजगार सृजन और आजीविका संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

आने वाले समय में यह उत्पाद न केवल छत्तीसगढ़ के घरों का स्वाद बढ़ाएगा बल्कि सुकमा जिले की महिलाओं की मेहनत और सफलता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी सहायक सिद्ध होगा।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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