Explore

Search

January 19, 2026 11:37 am

आईजी रेंज संजीव शुक्ला ने कहा सड़क सुरक्षा नियम नहीं, जीवन रक्षा का संकल्प,सैकड़ों युवाओं से सीधा संवाद, यातायात नियमों के पालन की दिलाई शपथ

आईजी डॉ संजीव शुक्ला की सख्ती और मार्गदर्शन एवं एसएसपी रजनेश सिंह के नेतृत्व में हर घर सुरक्षित पहुंचे की सोच ने बनाया राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा को मजबूत

एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा पिछले वर्ष की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में लगभग 20 प्रतिशत की कमी

आईजी रेंज संजीव शुक्ला ने किया रमन विश्वविद्यालय में सैकड़ों युवाओं से सीधा संवाद, यातायात नियमों के पालन की दिलाई शपथ

छतीसगढ़ ।भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के अंतर्गत बिलासपुर जिले में सड़क सुरक्षा को केवल प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि मानव जीवन की रक्षा के उद्देश्य व सामाजिक दायित्व के रूप में संचालित किया जा रहा है।

आईजी बिलासपुर रेंज आईपीएस संजीव शुक्ला के निर्देश पर तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईपीएस रजनेश सिंह के मार्गदर्शन पर यातायात पुलिस द्वारा यह संदेश दिया जा रहा है कि सड़क पर लिया गया प्रत्येक निर्णय किसी एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे परिवार के भविष्य से जुड़ा होता है।

इसी क्रम में कोटा डॉ सीवी रमन विश्वविद्यालय में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार घोष कुल सचिव डॉ. अरविंद कुमार तिवारी एवं समकुलपति डॉ. जयति चटर्जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईपीएस रजनेश सिंह ने कहा कि यातायात नियमों का पालन दंड के भय से नहीं बल्कि अपने परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना से होना चाहिए।उन्होंने सड़क सुरक्षा के 4E मॉडल इंजीनियरिंग एजुकेशन एनफोर्समेंट एवं इमरजेंसी हेल्थ सर्विसेज पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डालते हुए बताया कि आईजी रेंज संजीव शुक्ला के निर्देश पर किए गए इंजीनियरिंग सुधारों एवं सतत जागरूकता के परिणामस्वरूप जिले के 6 ब्लैक स्पॉट में से 3 को दुर्घटना मुक्त श्रेणी में लाया गया है, जिससे जनहानि में उल्लेखनीय कमी आई है।

एसएसपी सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में लगभग 20 प्रतिशत की कमी आई है जो कठोर कार्रवाई के साथ-साथ नागरिकों में विकसित हो रही स्व-अनुशासन की भावना का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि यातायात पुलिस द्वारा 23 प्रमुख चौक-चौराहों पर पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम रेडियो प्रसारण एवं सोशल मीडिया के माध्यम से नियम तोड़ने पर दंड से पहले सुधार और संवाद को प्राथमिकता दी जा रही है जिससे पुलिस को केवल दंड देने वाली संस्था नहीं, बल्कि मार्गदर्शक के रूप में देखा जा सके।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया और बताया गया कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने वाला नागरिक अपराधी नहीं बल्कि समाज का रक्षक है। गुड सेमेरिटन योजना के तहत घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले को 25,000 तक की प्रोत्साहन राशि तथा कैशलेस उपचार योजना के तहत 1.5 लाख तक निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध है।

एसएसपी सिंह ने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया

एसएसपी आईपीएस रजनेश सिंह ने अपील की तेज रफ्तार मोबाइल का उपयोग या हेलमेट न पहनने का एक क्षणिक निर्णय माता-पिता परिवार और समाज को आजीवन पीड़ा दे सकता है।
कुलपति डॉ. प्रदीप घोष ने यातायात पुलिस बिलासपुर के प्रयासों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा अभियान का सक्रिय संवाहक मतलब दुर्घटना के बाद अस्पताल ले जाना वाला बनने का आह्वान किया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे ने दुर्घटनाओं के कारणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अनुशासित आवागमन ही सुरक्षित भविष्य की कुंजी है।कार्यक्रम में सेवानिवृत्त उप निरीक्षक उमाशंकर पांडे द्वारा उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं एवं नागरिकों को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई।इस अवसर पर पुलिस अनुविभागीय अधिकारी श्रीमती नूपुर उपाध्याय, थाना प्रभारी नरेश चौहान, विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

Advertisement Carousel
CRIME NEWS

BILASPUR NEWS