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January 11, 2026 11:29 pm

हिंदी विश्वविद्यालय का 29वां स्थापना दिवस सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ मनाया गया

गीत, संगीत और नृत्य से सराबोर रहा वाचस्पति भवन परिसर

वर्धा।महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय का 29वां स्थापना दिवस विश्वविद्यालय परिसर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर वाचस्पति भवन प्रांगण में आयोजित भव्य सांस्कृतिक संध्या में गीत, संगीत और नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियों से पूरा परिसर सराबोर रहा।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने भारत की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक परंपरा को मंच पर साकार किया। गीत, संगीत और नृत्य की विविध प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने देश की सांस्कृतिक विरासत का प्रभावशाली परिचय दिया।

सांस्कृतिक संध्या में कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा, कार्यपरिषद सदस्य प्रो. सुरेंद्र दुबे, उत्तर प्रदेश हिंदी साहित्य संस्थान की उपाध्यक्ष अमिता दुबे, आवासीय लेखक डॉ. क्षमा कौल, डॉ. भूषण भावे तथा कुलसचिव क़ादर नवाज़ ख़ान सहित विश्वविद्यालय के अनेक अधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ तथा ‘वरदे वीणा वादिनी वरदे’ गीत से हुई। इसके बाद शास्त्रीय राग शंकरा, राजस्थान का समूह गीत, भरतनाट्यम, बिहार का लोकनृत्य सामा-चकेवा, मिथिलांचल का झिझिया नृत्य, गोंड एवं कुर्मी जनजातीय नृत्य, महाराष्ट्र की प्रसिद्ध लावणी और कोली नृत्य सहित विभिन्न लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां दी गईं। पंजाब के भांगड़ा नृत्य ने दर्शकों को विशेष रूप से उत्साहित किया।

विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकसंस्कृति के विविध रंगों से सजी इस सांस्कृतिक संध्या के माध्यम से हिंदी विश्वविद्यालय ने अपने 29वें स्थापना दिवस को उत्साह और गरिमा के साथ मनाया।

कार्यक्रम का संचालन प्रदर्शनकारी कला विभाग के अध्यक्ष डॉ. ओमप्रकाश भारती एवं विद्यार्थी मनीष तिवारी ने किया।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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