बिलासपुर। जोनल रेलवे स्टेशन में रविवार को एक यात्री की लापरवाही संभावित खतरे में बदलने से पहले ही जीआरपी की सतर्कता से टल गई। उत्तर प्रदेश के एक यात्री ने प्लेटफार्म पर अपना बैग छोड़ दिया था, जिसमें 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक और 10 जिंदा कारतूस रखे थे। यात्री के सूचना देने पर जीआरपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बैग को सुरक्षित बरामद किया और दस्तावेजों की जांच के बाद उसे विधिवत लौटा दिया।

जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के जिला कौशांबी निवासी विजय कुमार मिश्र नवतनवा एक्सप्रेस से उसलापुर स्टेशन उतरे थे। वहां से वे बिलासपुर पहुंचे और आगे रायगढ़ जाने वाली ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। ट्रेन में विलंब होने के कारण वे प्लेटफार्म नंबर दो पर ब्रिज के नीचे बैठ गए। इसी दौरान उन्हें शौच के लिए जाना पड़ा। जल्दबाजी में उन्होंने अपना बैग वहीं छोड़ दिया, जिसमें कंबल में लपेटकर 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक और 10 जिंदा कारतूस रखे हुए थे। शौचालय से लौटने के बाद यात्री को यह याद नहीं रहा कि उसने बैग ठीक किस स्थान पर रखा था। उन्होंने प्लेटफार्म पर इधर-उधर काफी तलाश की, लेकिन बैग नहीं मिला। कुछ देर बाद उन्हें अपनी भूल का एहसास हुआ और किसी अनहोनी की आशंका के चलते वे सीधे जीआरपी थाना पहुंचे और पूरी जानकारी दी।सूचना मिलते ही जीआरपी की टीम हरकत में आ गई। स्टेशन परिसर और प्लेटफार्म क्षेत्र की सघन जांच शुरू की गई। कुछ ही समय में प्लेटफार्म दो पर ब्रिज के नीचे रखा संदिग्ध बैग नजर आ गया, जिसे पुलिस ने सुरक्षित कब्जे में ले लिया। बैग की जांच करने पर उसके भीतर लाइसेंसी बंदूक और कारतूस सही हालत में पाए गए। इसके बाद जीआरपी ने यात्री से संबंधित हथियार लाइसेंस और अन्य दस्तावेजों की जांच की। सभी कागजात वैध और सही पाए जाने पर पुलिस ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर बंदूक, कारतूस और बैग को विधिवत प्रार्थी को सुपुर्द कर दिया। जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते सूचना नहीं मिलती और बैग किसी गलत हाथ लग जाता, तो बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था। यह मामला यात्रियों के लिए भी सबक है कि वे यात्रा के दौरान अपने सामान, विशेषकर हथियार और महत्वपूर्ण वस्तुओं के प्रति पूरी सतर्कता बरतें। जीआरपी ने आम यात्रियों से भी अपील की है कि स्टेशन परिसर में किसी भी संदिग्ध वस्तु या लावारिस बैग की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।
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