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July 22, 2026 4:08 am

हाईकोर्ट का फैसला नामांकन से नहीं मिलता उत्तराधिकार का अधिकार

बिलासपुर. हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि कर्मचारी के नामांकन से उत्तराधिकार का अधिकार नहीं मिलता। नामिनी सिर्फ राशि का अभिरक्षक होता है, मालिक नहीं। मृत महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता रंजनादेवी प्रधान के बैंक ऑफ इंडिया, मुंगेली शाखा में 15 लाख रुपए जमा था। उनकी मौत के बाद रकम पर दामाद राहुल ध्रुव और ससुर लल्लाराम दोनों ने दावा किया। ट्रायल कोर्ट ने नामांकन देखकर राशि दामाद को देने का आदेश दिया था, लेकिन अपील में जिला न्यायालय ने फैसला पलटते हुए कहा कि हिन्दू सक्सेशन एक्ट के तहत पति पक्ष के वारिसों को पहला अधिकार होता है, और लल्लाराम ससुर होने के नाते निकट संबंधी हैं। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व
फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि, नामांकन से व्यक्ति का सिर्फ ‘कस्टोडियन’ का दर्जा बनता है, उत्तराधिकार का अधिकार नहीं मिलता। यही कानून बार-बार स्पष्ट किया जा चुका है। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने अपीलीय अदालत का आदेश सही मानते हुए पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया इसके साथ ही 15 लाख की राशि पर लल्लाराम का अधिकार सही माना गया है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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