बिलासपुर। 4 नवंबर को लालखदान स्टेशन के पास हुई मेमू ट्रेन दुर्घटना की जांच 24 दिन बाद भी किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है। घटना में अब तक 12 यात्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल अभी भी उपचाररत हैं। मामले को लेकर रेल सुरक्षा आयुक्त सीआरएस बी. के. मिश्रा एक बार फिर बिलासपुर पहुंचे और जांच की रफ्तार पर असंतोष जताते हुए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की गहराई से पड़ताल की।
सूत्रों के अनुसार, सीआरएस मिश्रा अब तक रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों के 40 से अधिक बयान और तकनीकी रिपोर्टें दर्ज कर चुके हैं, लेकिन उपलब्ध इनपुट से वे संतुष्ट नहीं दिखे। इसी कारण उन्होंने मौके पर पहुंचकर एक बार फिर घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की मिलान प्रक्रिया शुरू की।
जांच के दौरान लोको पायलट रश्मि राज से विशेष रूप से दो घंटे तक पूछताछ की गई। रश्मि राज का साइको टेस्ट फेल होने के बावजूद ड्यूटी पर लगाए जाने को लेकर रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सीआरएस ने इस पहलू पर भी विस्तृत जानकारी ली और संबंधित रिकॉर्ड खंगाले।
इसके साथ ही उन्होंने रेलवे अस्पताल पहुंचकर हादसे में घायल कर्मचारियों और यात्रियों का हाल जाना तथा इलाज से जुड़े मेडिकल रिकॉर्ड का बारीकी से परीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि घटना के हर चरण का क्रमवार विवरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके।
24 दिन बीत जाने के बाद भी जांच का ठोस निष्कर्ष न निकलना गंभीर चिंता का विषय बन गया है। अब सीआरएस की दोबारा पड़ताल से उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही हादसे के असल कारणों पर किसी स्पष्ट निष्कर्ष तक पहुंचा जा सकेगा।
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