Explore

Search

November 30, 2025 9:26 pm

अवैध संबंध के शक में हत्या, तीन आरोपी को आजीवन कारावास

बिलासपुर। तखतपुर क्षेत्र के ग्राम खम्हरिया में हुए हत्या के बहुचर्चित मामले में विशेष न्यायालय ने तीनों आरोपी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपियों के खिलाफ पेश किए गए साक्ष्य, गवाहों के बयान और जांच रिपोर्ट हत्या की गंभीर साजिश और उसे अंजाम देने की पुष्टि करते हैं।


ग्राम खम्हरिया निवासी सुंदरलाल कौशिक 22 सितंबर 2022 की शाम घर से निकले थे, इसके बाद वे वापस नहीं लौटे। परिजन ने उनकी गुमशुदगी की शिकायत तखतपुर थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने गुम इंसान का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तलाश के दौरान 24 सितंबर को सुंदरलाल का शव खम्हरिया के शिवतालाब किनारे झाड़ियों में मिला। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया, जिसमें स्पष्ट हुआ कि उनकी हत्या कर शव को पानी के पास फेंक दिया गया था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सुंदरलाल का देवरीखुर्द निवासी विनय कश्यप की पत्नी से अवैध संबंध था। इस बात की जानकारी होने पर विनय ने सुंदरलाल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। उसने अपने परिचित चंद्रप्रकाश कौशिक और पिल्लू कौशिक को 50 हजार रुपये की सुपारी दी। पुलिस के अनुसार विनय के कहने पर चंद्रप्रकाश और पिल्लू ने मिलकर सुंदरलाल की हत्या की और शव को तालाब के पास झाड़ियों में छिपा दिया, ताकि घटना प्राकृतिक मौत या दुर्घटना जैसी लगे। मामले में पुलिस ने तीनों आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। लम्बी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य और गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। इसमें मोबाइल लोकेशन, घटनास्थल की परिस्थितिजन्य साक्ष्य और आरोपियों के बीच हुई बातचीत के आधार पर हत्या की साजिश साबित हुई। न्यायालय ने तीनों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। इस मामले की जांच तत्कालीन थाना प्रभारी सुम्मत साहू ने की थी। वहीं, शासन की ओर से अधिवक्ता दाऊ चंद्रवंशी ने पैरवी की।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

Advertisement Carousel
CRIME NEWS

BILASPUR NEWS