बिलासपुर। कोटा क्षेत्र के पड़ावपारा में सामाजिक संवेदनाओं को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां रहने वाली एक महिला ने चार वर्षीय बच्चे को गोद लेने के बाद उसकी देखभाल करने के बजाय उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। पड़ोसियों ने जब बच्चे की खराब हालत देखी तो इसकी शिकायत चाइल्ड हेल्पलाइन में की। मामले को गंभीरता से लेते हुए चाइल्ड लाइन टीम ने कोटा पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।

कोटा एसडीओपी नुपूर उपाध्याय ने बताया कि गुरुवार को चाइल्ड लाइन से सूचना मिली कि पड़ावपारा राम मंदिर के पास रहने वाली राजकुमारी भैना नामक महिला ने चार साल के एक बच्चे को गोद लिया है। इस बच्चे के साथ महिला द्वारा मारपीट और अमानवीय व्यवहार किए जाने की जानकारी पड़ोसियों ने चाइल्ड हेल्पलाइन को दी थी। सूचना मिलते ही चाइल्ड लाइन की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे की स्थिति की जांच की। टीम ने देखा कि बच्चा डरा-सहमा था और उसके शरीर पर चोट के निशान भी दिखाई दे रहे थे। चाइल्ड लाइन टीम ने पूरा मामला कोटा थाने में दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि महिला लंबे समय से बच्चे के साथ मारपीट कर रही थी। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वहीं, बच्चे को चाइल्ड लाइन की सुरक्षा में ले जाकर उसका डॉक्टरी जांच कराई गई है। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे के शरीर पर चोटों के निशान पुराने और नए दोनों प्रकार के हैं, जो बताते हैं कि वह लगातार प्रताड़ना का शिकार हो रहा था। बच्चे का उपचार जारी है और उसे सुरक्षित स्थान पर रखवाया गया है।
पुलिस और चाइल्ड लाइन अधिकारियों ने बताया कि बच्चे के माता-पिता का पता लगा लिया गया है। आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के बाद बच्चे को जल्द ही उसके माता-पिता के हवाले किया जाएगा।
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