छत्तीसगढ़ नवंबर 2025। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तीन दिवसीय 60वीं DGsP-IGsPकॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह कॉन्फ्रेंस अब केवल समीक्षा का मंच न होकर समस्याओं के समाधान, चुनौतियों, रणनीतियों और नीति-निर्धारण का सशक्त मंच बनकर उभरी है।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा विगत वर्षों में नक्सलवाद के समूल नाश के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 7 वर्षों में 586 फोर्टिफाइड पुलिस स्टेशन स्थापित किए गए, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 2014 के 126 नक्सल प्रभावित जिले घटकर अब सिर्फ 11 रह गए हैं। श्री शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि अगली डीजीएसपी -आईजीएसपी कॉन्फ्रेंस से पहले देश नक्सलवाद से पूर्णत: मुक्त हो जाएगा।

श्री शाह ने कहा कि नक्सलवाद नार्थ-ईस्ट और जम्मू-कश्मीर जैसे तीन बड़े आंतरिक सुरक्षा हॉटस्पॉट्स का समाधान मोदी सरकार ने स्थायी रूप से किया है और जल्द ही ये क्षेत्र भी देश के अन्य हिस्सों जैसे शांत और विकसित क्षेत्रों की श्रेणी में शामिल होंगे।
गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा ढांचे को मजबूत बनाने हेतु किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि एनआईए और युएपीए कानूनों को सुदृढ़ किया गया है। इसके अलावा तीन नए आपराधिक कानून, नारकोटिक्स नियंत्रण और भगोड़े अपराधियों के खिलाफ कठोर प्रावधान भी लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन नए कानूनों के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद भारत की पुलिसिंग दुनिया की सबसे आधुनिक पुलिसिंग में शामिल होगी।

पीएफआई पर कार्रवाई का उल्लेख करते हुए श्री शाह ने कहा कि संगठन पर प्रतिबंध के बाद देशभर में उसके ठिकानों पर की गई छापेमारी और गिरफ्तारियां केन्द्र-राज्य समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि इंटेलिजेंस की सटीकता, उद्देश्य की स्पष्टता और कार्रवाई की क्षमता इन तीन आधारों पर कार्य करते हुए कट्टरता उग्रवाद और नारकोटिक्स नेटवर्क पर लगातार प्रहार किया जा रहा है।

नारकोटिक्स और संगठित अपराध पर सख्ती की वकालत करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि हमें 360-डिग्री एक्शन लेकर ऐसा तंत्र तैयार करना है, जिससे देश में किसी भी नशा कारोबारी या अपराधी को एक इंच जमीन भी न मिल सके। उन्होंने राज्यों की पुलिस से एनसीबी के साथ संयुक्त अभियान चलाकर राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के नारकोटिक्स गिरोहों के सरगनाओं को जेल भेजने की अपील की।
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