बिलासपुर। राजकिशोर नगर स्थित एक मकान पर जबरन कब्जा करने की कोशिश और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक को थाने से ही जमानत दे दी गई, जबकि तीन आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। मामला वर्तमान में न्यायिक प्रक्रिया में है।

सीएसपी निमितेष सिंह ने बताया कि राजकिशोर नगर निवासी जी. श्रीनिवास ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मकान पर कब्जा करने की नीयत से कुछ लोग जबरन घर में घुस आए थे। पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपित जसबीर सिंह ने धोखे से उनके मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली है, जिसे लेकर न्यायालय में मामला लंबित है। इसी विवाद को लेकर 23 फरवरी को जसबीर सिंह अपने परिचितों सुदीप डे, यश तिवारी और उत्कर्ष श्रीवास्तव के साथ उनके घर पहुंचा। शिकायत के अनुसार, चारों आरोपित घर में घुसे और मकान पर कब्जा करने की कोशिश करते हुए सामान में तोड़फोड़ की। पीड़ित द्वारा इसका विरोध करने पर आरोपित धमकाते हुए वहां से फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपित घटना के बाद अपने ठिकाने से गायब हो गए थे, जिस पर पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी। जांच के दौरान मंगलवार को सूचना मिली कि चारों आरोपी राजकिशोर नगर में घूमते देखे गए हैं। इस पर पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी की और चारों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपितों ने मकान विवाद से जुड़े तथ्यों को लेकर पुलिस को जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपित उत्कर्ष श्रीवास्तव के खिलाफ किसी प्रकार का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं पाया गया है, जिस पर उसे थाने से जमानत दे दी गई। वहीं मुख्य आरोपी जसबीर सिंह के अलावा यश तिवारी और सुदीप डे को न्यायालय में पेश किया गया है, जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। प्रकरण में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मकान की रजिस्ट्री किन परिस्थितियों में और किस दस्तावेज के आधार पर हुई। साथ ही, पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि और दस्तावेजों की वैधता की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों के फरार रहने और मकान पर जबरन कब्जा करने की कोशिश को गंभीरता से लेते हुए मामले को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है।
प्रधान संपादक

