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March 6, 2026 2:05 am

ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली से बढ़ी रेलवे की रफ्तार और सुरक्षा

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ ने दी जानकारी वर्ष 2023 से सफलतापूर्वक लागू प्रणाली से हुआ संचालन में सुधार

छत्तीसगढ़,बिलासपुर ।दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ सुस्कर विपुल विलासराव ने बताया कि रेलवे की ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली एक अत्याधुनिक, सुरक्षित और विश्वसनीय तकनीक है, जिससे ट्रेनों का संचालन अब और अधिक तेज व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से हो रहा है।

क्या कहा सीपीआरओ डॉ सुस्कर ने 

सीपीआरओ ने जानकारी दी कि इस प्रणाली के तहत प्रत्येक किलोमीटर की दूरी पर सिग्नल लगाए गए हैं, जिससे ट्रेनों की रनिंग क्षमता और समयबद्धता में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। इस प्रणाली की विशेषता यह है कि हर सिग्नल पार होते ही अगली ट्रेन को संचालन की अनुमति मिल जाती है, जिससे ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनी रहती है और ट्रैक का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होता है।

उन्होंने बताया कि यह प्रणाली वर्ष 2023 से इस रेलखंड में सफलतापूर्वक लागू है। इसके माध्यम से मालगाड़ी और यात्री गाड़ियाँ एक ही ट्रैक पर सुरक्षित रूप से संचालित होती हैं, क्योंकि प्रणाली प्रत्येक ट्रेन की वास्तविक स्थिति और गति की निगरानी करती है।

डॉ सुस्कर विपुल ने कहा कि रेलवे लगातार अपनी कार्यप्रणालियों को आधुनिक तकनीकों से सशक्त बना रहा है ताकि यात्रियों को सुरक्षित, समयबद्ध और आरामदायक यात्रा अनुभव मिल सके। ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि है, जिसने रेलवे की दक्षता और विश्वसनीयता को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है।सुरक्षित यात्रा, आधुनिक तकनीक भारतीय रेल की पहचान है ।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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