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November 4, 2026 10:00 pm

कलेक्टर ने आबंटन को किया निरस्त,अधिवक्ता निखिल शुक्ला की विधिक पैरवी रंग लाई।

बिलासपुर ।मोपका ग्राम स्थित शासकीय चरनोई भूमि (खसरा नंबर 1053/1) को एक धार्मिक संस्था को कब्रिस्तान के रूप में आवंटित किए जाने के प्रयास को लेकर उभरे विवाद पर सनातन समाज की ओर से अधिवक्ता निखिल शुक्ला की कोर्ट में अपना पक्ष बहुत ही मजबूती से रखा ।कोर्ट ने इस प्रकरण में बिलासपुर कलेक्टर के आवंटन के आदेश को निरस्त कर दिया।

इस मामले में जानकारी के मुताबिक ग्राम मोपका में उक्त ज़मीन को वर्षों से ग्रामीण पशुधन की चराई हेतु उपयोग में लाई जाती रही है,और यह भूमि निस्तार पत्रक में ‘चराई मद’ के अंतर्गत विधिवत दर्ज है। भूमि के ऐतिहासिक उपयोग, राजस्व अभिलेखों और ग्रामवासियों की निर्भरता को आधार बनाते हुए अधिवक्ता निखिल शुक्ला ने तहसीलदार न्यायालय में आवेदन देकर आपत्ति पत्र प्रस्तुत किया था।

अधिवक्ता श्री शुक्ला द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और विधिक तर्कों के आधार पर यह प्रमाणित हुआ कि भूमि का चरनोई उपयोग वर्तमान में भी जरूरी है। उन्होंने यह भी तर्क रखा कि किसी एक समुदाय विशेष को इस भूमि का आवंटन संविधान मे दिए गए अधिकार और जनहित के ख़िलाफ़ होगा।

कलेक्टर कार्यालय द्वारा उक्त आपत्तियों को संज्ञान में लेते हुए भूमि आवंटन को निरस्त कर दिया गया। इस निर्णय से सनातन समाज में व्यापक संतोष व्यक्त किया गया है। समाजजनों ने अधिवक्ता निखिल शुक्ला का आभार जताते हुए मांग की है कि ऐसी चरनोई भूमि को राजपत्रित रूप से संरक्षित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की भूमि पर कब्ज़ा करने की कोशिशों को रोका जा सके।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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