31 मार्च तक 90.11 करोड़ की वसूली,पिछले साल 87 करोड़ की हुई थी वसूली
इस बार संपत्ति,समेत अन्य कर से 56.05 करोड़,पिछले साल से 41 प्रतिशत की वृद्धि
30 अप्रैल तक मिली है छूट,निगम कमिश्नर ने लक्ष्य पूरा करने दिए निर्देश
बिलासपुर। इतिहास में पहली बार नगर निगम बिलासपुर रेवेन्यू कलेक्शन में 100 करोड़ वसूलने के करीब है। पुराने अपने सभी रिकार्ड को तोड़ते हुए नगर निगम ने 31 मार्च तक समस्त राजस्व आय में पांच प्रतिशत तक की वृद्धि करते हुए 90 करोड़ 11 लाख की वसूला है। शासन द्वारा कर भुगतान में एक माह 30 अप्रैल तक दिए छूट के बाद यह आंकड़ा 100 करोड़ तक पहुंच जाएगा। 100 करोड़ के लक्ष्य को पूरा करने के लिए निगम कमिश्नर अमित कुमार ने सभी आरआई और एआरआई की मीटिंग लेकर 30 अप्रैल तक वसूली पूरा करने के निर्देश दिए और राजस्व वसूली में वृद्धि होने पर टीम का उत्साहवर्धन भी किया।

पिछले वित्तीय वर्ष में नगर निगम ने संपत्तिकर,समेकित यूजर चार्ज,भूखण्ड,दुकान,नीलामी,किराया समेत अन्य स्त्रोत को मिलाकर 87 करोड़ की वसूला था,मगर इस साल पूर्व निर्धारित तिथि 31 मार्च तक 90 करोड़ 11 लाख की वसूली की है। इस साल सबसे खास बात यह है की राजस्व का मुख्य आधार संपत्तिकर,समेकित और यूजर चार्ज को मिलाकर 56 करोड़ 5 लाख वसूला गया है जो पिछले साल की अपेक्षा 41 प्रतिशत अधिक है और 31 अप्रैल तक आंकड़ा 50 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है,पिछले साल इन तीनों को मिलाकर 40 करोड़ की वसूली की गई थी। हर साल दुकान,भूखण्ड,किराया समेत अन्य स्त्रोत को मिलाकर आंकड़ा औसतन 80 करोड़ के आसपास तक पहुंचता था मगर इस बार इन स्त्रोतों से कम बल्कि मुख्य राजस्व से अधिक वसूली हुई है और जिसे अकेले निगम के राजस्व अमले ने वसूला है,पिछले साल तक स्पैरो और कुछ क्षेत्रों में निगम वसूलता था पर वसूली में वृद्धि नहीं ला पाते थे।
स्पैरो के क्षेत्र में 60 प्रतिशत अधिक वसूली

अब तक टैक्स कलेक्शन कंपनी स्पैरो को जिन क्षेत्रों में वसूली का जिम्मा था,वहां निगम अमले के द्वारा इस साल की गई वसूली में औसत 60 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
अभियान और माॅनिटरिंग से मिली सफलता
पहली बार 100 करोड़ वसूली के करीब पहुंचे नगर निगम ने लगभग 8 माह पूर्व से ही निगम कमिश्नर अमित कुमार के निर्देश में अभियान शुरू कर दिया था। डोर टू डोर संपर्क,शिविर, बड़े बकायादारों से सख्ती और नवाचार तथा ऑनलाइन सुविधा से निगम अपने लक्ष्य के करीब पहुंचा है। राजस्व वसूली को एक प्रकार से अभियान का रूप देते हुए लगातार माॅनिटरिंग की गई है।

अधिमान्य पत्रकार छत्तीसगढ़ शासन