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July 21, 2026 11:00 pm

लैब की तरह उपयोग करने नालों पर रखी गई थी ट्रेन की सीटें,जवाब के बाद हाई कोर्ट ने पीआईएल को किया डिस्पोज आफ


बिलासपुर। रेलवे की सीटों को नालों के ऊपर स्लैब की तरह उपयोग करने के मामले में सोमवार को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सुनवाई समाप्त कर दी। रेलवे की ओर से अतिरिक्त सालिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा ने अदालत को बताया कि नालों पर कंक्रीट स्लैब की ढलाई कर दी गई है और सीटें हटा दी गई हैं। रेलवे ने कोर्ट को सूचित किया कि कोरोना महामारी के दौरान ट्रेनों के कोचों को क्वारंटीन सेंटर के रूप में इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद इन कोचों की सीटों को यात्रियों के उपयोग के लिए अनुपयुक्त मानते हुए उन्हें हटा दिया गया। नालों के ऊपर निर्माण के दौरान लोगों के आवागमन की सुविधा और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इन सीटों को अस्थायी रूप से रखा गया था। अब इन सीटों को हटा दिया गया है और नालों पर स्थायी कंक्रीट स्लैब का निर्माण कर दिया गया है।


रिपोर्ट और फोटोग्राफ से हाई कोर्ट संतुष्ट
रेलवे द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट और संबंधित फोटोग्राफ से संतुष्ट होकर हाई कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। हालांकि, मामले के पिछले चरण में कोर्ट ने इसे गंभीर लापरवाही माना था और रेलवे से व्यक्तिगत शपथ पत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि इस प्रकार की स्थिति न केवल संसाधनों के दुरुपयोग को उजागर करती है, बल्कि यात्री स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए खतरा भी बन सकती है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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