केंद्र की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी डीए-डीआर बढ़ाने की मांग, जनवरी से लंबित 2 प्रतिशत वृद्धि के साथ जुलाई की 3 प्रतिशत वृद्धि देने की मांग
Cbn36 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ की जिला शाखा बिलासपुर ने राज्य सरकार से कर्मचारियों और पेंशनरों का महंगाई भत्ता (डीए) एवं महंगाई राहत (डीआर) बढ़ाकर 63 प्रतिशत करने की मांग की है। संघ ने जनवरी 2026 से लंबित दो प्रतिशत वृद्धि और जुलाई 2026 से प्रस्तावित तीन प्रतिशत वृद्धि का लाभ जोड़कर देने के साथ बकाया एरियर का भुगतान भी तत्काल करने की मांग उठाई है।
संघ के जिला अध्यक्ष चन्द्रशेखर पाण्डेय ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत में तीन प्रतिशत वृद्धि की घोषणा के बाद राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को भी समान लाभ दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनवरी 2026 से दो प्रतिशत की वृद्धि लंबित है। जुलाई से तीन प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि को मिलाकर कुल पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी का लाभ दिया जाना चाहिए।
महंगाई से बिगड़ रहा घरेलू बजट
पाण्डेय ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई का सीधा असर कर्मचारियों और पेंशनरों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। रोजमर्रा की जरूरतों पर होने वाले खर्च में बढ़ोतरी के कारण आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए समय पर महंगाई राहत मिलना विशेष रूप से जरूरी है, क्योंकि उनकी आर्थिक जरूरतें काफी हद तक पेंशन पर निर्भर रहती हैं।
एरियर का तत्काल भुगतान करने की मांग
संघ ने राज्य सरकार से जनवरी 2026 से लंबित महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत की वृद्धि का लाभ देने और बकाया एरियर का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। पाण्डेय ने कहा कि केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के हित में निर्णय ले रही है। ऐसे में राज्य सरकार को भी कर्मचारियों और पेंशनरों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए राहत प्रदान करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत मिल सकती है। संघ ने शासन से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर कर्मचारियों एवं पेंशनरों को उनका उचित लाभ देने की अपील की है।
प्रधान संपादक