10 माह का महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत का एरियर्स नहीं मिलने से पेंशनरों में निराशा, आरके वर्मा ने सरकार से की मांग
Cbn36 बेमेतरा। बुढ़ापे में पेंशन, दवा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं ही जीवन का सबसे बड़ा सहारा होती हैं। जीवन के सुनहरे वर्ष शासन की सेवा में समर्पित करने वाले पेंशनभोगियों को आज बढ़ती उम्र के साथ महंगे इलाज का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन, बेमेतरा ने राज्य सरकार से पेंशनरों के लिए भी पूर्ण कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा लागू करने की मांग की है। संगठन के जिला अध्यक्ष आरके वर्मा ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि बुजुर्ग पेंशनरों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाए, ताकि आर्थिक परेशानी के कारण किसी को भी इलाज से वंचित न रहना पड़े।
कैबिनेट के फैसले से पेंशनरों में निराशा
जिला अध्यक्ष आरके वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक से कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत में वृद्धि तथा एरियर्स के भुगतान को लेकर उम्मीदें थीं। संगठन की मांग है कि 1 जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत का 10 माह का एरियर्स सहित तत्काल भुगतान किया जाए, ताकि कर्मचारी और पेंशनर अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा कर सकें और त्योहार भी उत्साह के साथ मना सकें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा स्वागतयोग्य है, लेकिन पेंशनरों को इस सुविधा से बाहर रखा जाना निराशाजनक है। जबकि बढ़ती उम्र के कारण पेंशनभोगियों को नियमित स्वास्थ्य जांच, दवाइयों और अस्पतालों में उपचार की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। ऐसे में उन्हें कैशलेस चिकित्सा सुविधा से वंचित रखना उचित नहीं है।
वर्मा ने कहा कि अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि कर्मचारियों के लिए घोषित कैशलेस चिकित्सा सुविधा किस स्वरूप में लागू होगी और इसके तहत किन बीमारियों एवं उपचारों को शामिल किया जाएगा। सरकार को योजना की नियमावली जल्द जारी कर इसकी प्रक्रिया और सुविधाओं को स्पष्ट करना चाहिए।
कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देकर करें बुढ़ापे का सम्मान
आरके वर्मा ने कहा कि जीवन के इस पड़ाव पर पेंशन का एक बड़ा हिस्सा दवाइयों और इलाज पर खर्च हो जाता है। गंभीर बीमारी या आपातकालीन स्थिति में अस्पताल का खर्च उठाना बुजुर्ग पेंशनरों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। छत्तीसगढ़ के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले पेंशनभोगियों को बुढ़ापे में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जिस तरह कर्मचारियों और उनके परिजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की पहल की जा रही है, उसी तरह पेंशनरों और उनके पात्र परिजनों को भी इस योजना में शामिल किया जाए। इससे बुजुर्गों को इलाज के लिए अपनी जमा पूंजी खर्च करने और आर्थिक सहायता के लिए दूसरों पर निर्भर रहने की मजबूरी से राहत मिलेगी।
राज्य शासन मांगों पर फिर से करे विचार
छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन, बेमेतरा ने राज्य सरकार से मांग की है कि 1 जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत का 10 माह का एरियर्स शीघ्र जारी किया जाए। साथ ही सभी पात्र पेंशनरों को कैशलेस स्वास्थ्य योजना में शामिल कर योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
संगठन का कहना है कि पेंशनरों ने अपने सेवाकाल में प्रदेश की व्यवस्था और विकास में योगदान दिया है। अब जीवन के इस पड़ाव पर उन्हें सम्मानजनक जीवन और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है।
इस मांग का समर्थन करने वालों में जिला अध्यक्ष आरके वर्मा के साथ रामविलास दुबे, बीपी परगनिहा, अश्वनी बनर्जी, केएन मिश्र, जगतराम वर्मा, कपिल वर्मा, नीलेश्वर चंद्राकर, जवाहर चंद्राकर, ऋषि सिंह राजपूत, घनश्याम चंद्राकर, शिवकुमार साहू, गोकुल बंजारे, रोमन जायसवाल, संतोष सिंह राजपूत, थानुराम यादव, कोमल चंद्राकर, रामाधार सिन्हा, शोभनाथ रजक, अब्दुल गफ्फार खान, नैन सिंह साहू, उषा नामदेव, मनहरण माली, धरमदास चतुर्वेदी, उमाशंकर साहू, गैंदराम चंद्राकर, लालसिंह ठाकुर, मनीराम देवांगन, रमेश साहू, रामसिंह राजपूत, नेमसिंह साहू, जेएल देवांगन, बीपी बन्छोर, खिलावन राम साहू, नानक साहू और धर्मेंद्र शर्मा सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी शामिल हैं। सभी ने राज्य शासन से पेंशनरों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है।
प्रधान संपादक