10 हजार से एक लाख रुपये तक मिलता था कमीशन, कई राज्यों से खातों के खिलाफ दर्ज थीं शिकायतें
एक दिन में करोड़ों रुपये के लेनदेन का खुलासा, खातों में लाखों रुपये होल्ड
CBN36 जांजगीर-चांपा। साइबर ठगी की रकम खपाने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले आठ आरोपियों को जांजगीर-चांपा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी कमीशन के लालच में अपने नाम से बैंक खाते खुलवाते थे और नए सिम कार्ड जारी कराकर उनके विवरण साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों में देश के अलग-अलग राज्यों से ठगी की रकम आने का खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, संबंधित खातों के जरिए लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक के लेनदेन हुए हैं। गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देश पर साइबर पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की जांच के दौरान इन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में किए जाने की जानकारी सामने आई। जांच में कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात, तेलंगाना, असम, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों से इन खातों के संबंध में शिकायतें दर्ज होने की बात सामने आई। कुछ खातों के खिलाफ 14 से 15 बार तक शिकायतें दर्ज थीं।
कमीशन के बदले ठगों को देते थे खाते और सिम
जांच में सामने आया कि आरोपी ग्रामीण बैंक, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और इंडियन बैंक सहित विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाते थे। इसके बाद अपने नाम से नए मोबाइल सिम कार्ड जारी कराकर बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जानकारी साइबर ठगों को दे देते थे। इसके बदले उन्हें 10 हजार से एक लाख रुपये तक कमीशन मिलता था। इन खातों में ठगी की रकम पहुंचने के बाद उसका इस्तेमाल आगे लेनदेन के लिए किया जाता था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खातों में ठगी की रकम की पहली परत यानी लेयर-1 में राशि प्राप्त हुई थी।
आठ आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
म्यूल बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के मामले में थाना साइबर में अपराध क्रमांक 20/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2), 317(4), 317(5), 318(4), 323 तथा आईटी एक्ट की धारा 66डी के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना की गई। पूछताछ में आरोपियों ने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते और नए मोबाइल नंबर साइबर ठगों को उपलब्ध कराना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से बैंक पासबुक जब्त की है। संबंधित खातों में लाखों रुपये की राशि होल्ड कराई गई है। इस रकम की वापसी के लिए संबंधित राज्यों को सूचना भेजी गई है।
ये आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में कलेशराम देवांगन उर्फ छोटू (38) और श्यामलाल देवांगन उर्फ राजू (34), निवासी भाठापारा सिवनी, थाना चांपा; लक्ष्मीनारायण पटेल (46), निवासी ग्राम कुम्हारी, थाना गिधौरी, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा; वेमेश आदित्य (38), निवासी बुधवारी बाजार, जांजगीर; ज्योति बाई यादव (40), निवासी बनारी डीहपारा, जांजगीर; सुरेश कुमार गढ़ेवाल (32), निवासी ग्राम पाली, चौकी नैला; अनिल राठौर (29), निवासी चंदनियापारा, जांजगीर; और इश्तेखार अहमद (29), निवासी खड़पड़ीपारा, जांजगीर शामिल हैं।
क्या होता है म्यूल खाता?
म्यूल खाता ऐसा बैंक खाता होता है, जिसे खाताधारक किराये या कमीशन के लालच में दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए दे देता है। साइबर अपराधी ऐसे खातों में ठगी से हासिल रकम जमा कराते हैं और उसके जरिए आगे लेनदेन करते हैं। जांच के दौरान जब ठगी की रकम का पता लगाया जाता है, तो संबंधित बैंक खाते के खाताधारक की भूमिका भी जांच के दायरे में आती है। ऐसे में कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता या मोबाइल नंबर किसी दूसरे को देना कानूनी मुसीबत का कारण बन सकता है।
पुलिस की अपील-खाता और सिम किसी को न दें
जांजगीर-चांपा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, बैंकिंग संबंधी जानकारी या अपने नाम से जारी मोबाइल सिम किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। अनजान व्यक्ति को कमीशन के लालच में खाता या सिम उपलब्ध कराने से साइबर अपराध में संलिप्तता की जांच का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस ने नागरिकों से साइबर ठगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।
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