टीसीएस, अडानी समूह और नांदी फाउंडेशन से साझेदारी; आईटीआई-पॉलिटेक्निक में एआई और मशीन लर्निंग के पाठ्यक्रमों पर जोर

क्यूसीआई ने किया पॉलिटेक्निक संस्थानों का मूल्यांकन, डिजिटल रोजगार पोर्टल को स्किल मार्केट बनाने की तैयारी
CBN36 रायपुर, 9 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित कर रोजगार से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल की है। इसके तहत चार संस्थाओं के साथ एमओयू की पहल की गई है। आईटीआई और पॉलिटेक्निक में आधुनिक तकनीक आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने के साथ प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के मार्गदर्शन में शुरू की गई इन पहलों का उद्देश्य युवाओं को व्यावहारिक कौशल से लैस कर रोजगार के लिए तैयार करना है।
टीसीएस और अडानी समूह देंगे प्रशिक्षण

राज्य स्तरीय रोजगार मेला-2026 के समापन अवसर पर विभाग ने युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए संस्थाओं के साथ साझेदारी की पहल की। टीसीएस इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को सीएसआर के तहत निःशुल्क प्रशिक्षण देगा। वहीं, अडानी समूह के सहयोग से आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की योजना है।
नांदी फाउंडेशन के माध्यम से विद्यार्थियों को सॉफ्ट स्किल, अंग्रेजी संवाद, साक्षात्कार की तैयारी और व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पिछले वर्ष छह हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया गया था। इस वर्ष भी विद्यार्थियों को लगभग 48 से 50 घंटे का प्रशिक्षण देने की योजना है। जंगल सफारी में विभिन्न ट्रेडों में कौशल प्रशिक्षण के लिए भी संस्थाओं के साथ एमओयू की पहल की जा रही है।
एआई और मशीन लर्निंग के पाठ्यक्रम
आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में पुराने और अप्रासंगिक पाठ्यक्रमों की समीक्षा कर रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग और आधुनिक तकनीक से जुड़े विषय शामिल होंगे। इससे विद्यार्थियों को बदलती औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप तकनीकी दक्षता हासिल करने का अवसर मिलेगा।
पॉलिटेक्निक संस्थानों की गुणवत्ता सुधरेगी
प्रदेश के पॉलिटेक्निक संस्थानों का क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) के माध्यम से थर्ड पार्टी मूल्यांकन कराया गया है। इसमें शैक्षणिक स्तर, प्रशिक्षण व्यवस्था और अधोसंरचना का आकलन किया गया। रोजगार मेले के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा सहित अन्य अतिथियों ने मूल्यांकन रिपोर्ट का विमोचन किया। रिपोर्ट में दिए गए सुझावों के आधार पर संस्थानों के आधुनिकीकरण और गुणवत्ता सुधार की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
डिजिटल पोर्टल पर मिलेगी कौशल और रोजगार की जानकारी
विभाग डिजिटल रोजगार पोर्टल को स्किल मार्केट के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रहा है। इस पर उद्योगों की जरूरतों, रिक्त पदों और रोजगार चाहने वाले युवाओं की जानकारी एक मंच पर उपलब्ध कराने की योजना है। युवा अपनी योग्यता के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, जबकि कंपनियां जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का चयन कर सकेंगी।
सरकार का मानना है कि उद्योगों के साथ समन्वय, आधुनिक पाठ्यक्रम और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण से युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी। इससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित करने और युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।
प्रधान संपादक