नियमित जांच और उपचार से कैंडिडियासिस ठीक, मधुमेह भी नियंत्रण में; अब नहीं पड़ रही इंसुलिन की जरूरत
CBN36 बिलासपुर, 18 सितंबर। जिले के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत करने के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) गांव-गांव पहुंच रही है। एमएमयू के माध्यम से ग्रामीणों को उनके गांव में ही स्वास्थ्य जांच, उपचार, आवश्यक दवाइयां और चिकित्सकीय परामर्श मिल रहा है। नियमित जांच और फॉलोअप से कई लोगों के स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
उमरिया दादर निवासी 63 वर्षीय लखन सिंह लंबे समय से मधुमेह और कैंडिडियासिस नामक त्वचा रोग से पीड़ित थे। वे करीब पांच वर्षों से गनियारी अस्पताल में उपचार करा रहे थे, लेकिन लगातार इलाज के बावजूद उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिल पा रही थी। मधुमेह के कारण उन्हें इंसुलिन के इंजेक्शन भी लेने पड़ते थे। गांव से अस्पताल तक पहुंचकर नियमित जांच और उपचार कराना उनके लिए परेशानी का कारण बनता था।
गांव में ही मिली उपचार की सुविधा
उमरिया दादर में एमएमयू की सुविधा शुरू होने के बाद लखन सिंह ने गांव में ही अपनी स्वास्थ्य जांच और उपचार कराना शुरू किया। चिकित्सकों की सलाह के अनुसार उन्होंने नियमित दवाएं लीं और समय-समय पर फॉलोअप कराया। इससे धीरे-धीरे उनके स्वास्थ्य में सुधार होने लगा।
त्वचा रोग हुआ ठीक, मधुमेह नियंत्रण में
नियमित उपचार के बाद लखन सिंह का कैंडिडियासिस पूरी तरह ठीक हो गया। वहीं मधुमेह भी अब नियंत्रण में है। पहले उन्हें इंसुलिन के इंजेक्शन लेने पड़ते थे, लेकिन अब चिकित्सकीय निगरानी में उन्हें इंसुलिन इंजेक्शन की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।
लखन सिंह बताते हैं कि पहले इलाज के लिए अस्पताल तक जाना पड़ता था, लेकिन गांव में ही एमएमयू आने से जांच और चिकित्सकीय सलाह आसानी से मिलने लगी। नियमित उपचार से उनकी परेशानी में काफी राहत मिली है।
चिकित्सकों ने उन्हें नियमित दवा सेवन, संतुलित आहार, स्वच्छता बनाए रखने तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच और फॉलोअप कराने की सलाह दी है।
एमएमयू के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं ग्रामीणों के लिए उपचार को आसान बना रही हैं। गांव में ही जांच और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध होने से लोगों को समय पर उपचार मिलने के साथ नियमित स्वास्थ्य देखभाल की सुविधा भी मिल रही है।
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