
इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 का शुभारंभ, देशभर से पहुंचे 300 से अधिक एमएसएमई उद्यमी
CBN36 रायपुर, 18 सितंबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को साइंस कॉलेज मैदान में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित तीन दिवसीय इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 का शुभारंभ किया। मेले में देशभर से 300 से अधिक एमएसएमई उद्यमी शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ पारंपरिक उद्योगों के साथ अब नई अर्थव्यवस्था और भविष्य के उद्योगों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सेमीकंडक्टर, आईटी, फार्मा, टेक्सटाइल और ग्रीन एनर्जी जैसे उभरते क्षेत्रों पर सरकार का विशेष फोकस है।
मुख्यमंत्री ने देशभर से आए उद्यमियों और निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि खनिज, ऊर्जा, वन संपदा, मानव संसाधन और देश के मध्य में स्थित होने का भौगोलिक लाभ छत्तीसगढ़ की बड़ी ताकत है। सरकार इन संसाधनों को आधुनिक तकनीक, बेहतर अधोसंरचना और निवेशक हितैषी नीतियों से जोड़कर प्रदेश को प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में काम कर रही है।
निवेश प्रक्रिया आसान, सरकार निभाएगी एक्सीलरेटर की भूमिका

साय ने कहा कि सरकार की भूमिका केवल नियामक की नहीं, बल्कि उद्योग और निवेश की राह आसान करने वाले सहयोगी और ‘एक्सीलरेटर’ की है। निवेश प्रस्ताव आने से लेकर उद्योग के धरातल पर स्थापित होने तक निवेशकों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योग स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया है।
नई औद्योगिक नीति से निवेश को मिली गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग जगत और हितधारकों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की गई है। नीति का उद्देश्य निवेश के साथ उत्पादन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देना है। इसके लागू होने के बाद प्रदेश को बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव मिले हैं और कई परियोजनाओं पर धरातल पर काम शुरू हो चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश अब केवल कोयला, स्टील और सीमेंट जैसे पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है। करीब 1100 करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर परियोजना पर काम शुरू होना बदलते औद्योगिक परिदृश्य का उदाहरण है। नवा रायपुर को आधुनिक टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने के साथ टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री एक्सीलेंस हब विकसित करने की दिशा में भी काम हो रहा है।
स्थानीय संसाधनों का होगा वैल्यू एडिशन
साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोयला, लौह अयस्क और बॉक्साइट सहित महत्वपूर्ण खनिज प्रचुर मात्रा में हैं। इनका प्रदेश के भीतर अधिक से अधिक वैल्यू एडिशन औद्योगिक रणनीति का हिस्सा है। प्रदेश का 44 प्रतिशत से अधिक भू-भाग वनाच्छादित है। इमली, महुआ, चिरौंजी और हर्रा-बहेड़ा जैसी लघु वनोपज के वैज्ञानिक प्रसंस्करण से वनांचल में उद्योग और रोजगार की नई संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 30 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता है। पर्याप्त बिजली, जल, मानव संसाधन और प्राकृतिक संपदा के साथ देश के मध्य में स्थित होने का लाभ छत्तीसगढ़ को उद्योगों के लिए अनुकूल बनाता है।
स्थानीय युवाओं के रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास का वास्तविक लाभ तभी है, जब स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलें। नई औद्योगिक नीति में स्थानीय रोजगार को विशेष महत्व दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि युवा रोजगार तलाशने वाले ही नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले भी बनें। एमएसएमई और स्टार्टअप इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उद्योगों की लंबी उड़ान के लिए तैयार : साव
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर का 14वां संस्करण प्रदेश की औद्योगिक विकास यात्रा के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। मेले से उद्यमियों को उत्पाद, तकनीक, नवाचार और अनुभव साझा करने तथा नई व्यावसायिक संभावनाएं तलाशने का अवसर मिलेगा।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के प्रावधानों से निवेशकों को आकर्षित करने और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया सरल बनाने में मदद मिली है। निवेश प्रस्ताव अब धरातल पर भी आकार ले रहे हैं।
स्टॉलों का किया अवलोकन
मुख्यमंत्री साय ने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और उद्यमियों से उनके उत्पादों, तकनीकों और नवाचारों की जानकारी ली। प्रदर्शनी में आयुर्वेदिक औषधियों से लेकर आधुनिक मशीनरी, आईटी और तकनीक आधारित औद्योगिक उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, सीएसआईडीसी अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी, देशभर से आए उद्यमी और औद्योगिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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