
“सत्यापन के लिए रायपुर डिटेंशन सेंटर भेजे गए 23 लोग, संदिग्धों के बताए पते खंगालने पश्चिम बंगाल तक पहुंची बिलासपुर पुलिस की टीम,पुलिस की यह कार्रवाई अभी जारी है। सिरगिट्टी के बाद अब जिले के अन्य इलाकों में होने वाली जांच पर भी नजर है”
CBN36 बिलासपुर। अवैध रूप से निवासरत संदिग्ध विदेशी नागरिकों और बिना वैध दस्तावेजों के रहने वाले लोगों के खिलाफ बिलासपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। डीआईजी एवं एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान में सिरगिट्टी थाना क्षेत्र से 23 संदिग्ध लोगों को चिन्हित कर रायपुर स्थित होल्डिंग-डिटेंशन सेंटर भेजा गया है।
इस कार्रवाई की खास बात यह है कि पुलिस ने केवल दस्तावेज देखकर मामला खत्म नहीं किया, बल्कि संदिग्धों द्वारा बताए गए मूल निवास और पते का जमीनी स्तर पर सत्यापन भी कराया। पुलिस जांच में कई पतों के सत्यापन की जरूरत सामने आई। इसके बाद बिलासपुर पुलिस की विशेष टीम ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और जंगीपुर तक जाकर संबंधित पुलिस अधिकारियों से जानकारी जुटाई।
एसएसपी ने बनाई STF, सात निरीक्षक भी टीम मे
राज्य शासन से मिले निर्देशों के बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (IUCAW) रश्मिता कौर चावला के नेतृत्व में सात निरीक्षकों सहित विशेष टास्क फोर्स (STF) गठित की।
एसएसपी के निर्देश के बाद जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में संदिग्ध लोगों की पहचान, दस्तावेजों की जांच और उनके मूल पते के सत्यापन का अभियान शुरू किया गया।
कागजों में पता कुछ और, सत्यापन में सामने आया सवाल


सिरगिट्टी क्षेत्र में जांच के दौरान पुलिस के सामने ऐसे मामले आए, जिनमें संबंधित व्यक्तियों के मूल निवास और पहचान से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन जरूरी पाया गया। पुलिस ने संबंधित जिलों के अधिकारियों से संपर्क कर दस्तावेजों और पते की जानकारी की पड़ताल शुरू की।
यही जांच आगे बढ़ते-बढ़ते पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और जंगीपुर तक पहुंची। विशेष टीम ने वहां के पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों से मुलाकात कर बिलासपुर में मिले संदिग्धों से संबंधित जानकारी साझा की।
23 संदिग्ध रायपुर भेजे गए
प्रारंभिक जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में निवासरत 23 संदिग्ध व्यक्तियों को 4 सितंबर 2026 को पहचान एवं दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक रायपुर स्थित होल्डिंग-डिटेंशन सेंटर भेजा गया।
पुलिस की कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई है। अधिकारियों के मुताबिक जिले के दूसरे थाना क्षेत्रों में भी ऐसे लोगों की पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।
सिरगिट्टी के बाद अब दूसरे इलाकों पर नजर
सिरगिट्टी में सामने आए मामलों के बाद पुलिस अब जिले के अन्य क्षेत्रों में भी जांच का दायरा बढ़ा रही है। संभावना है कि दूसरे इलाकों में भी दस्तावेज और पते के सत्यापन के दौरान नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
हालांकि पुलिस जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को अवैध घुसपैठिया घोषित नहीं कर रही है। फिलहाल संदिग्ध लोगों की पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।
एसएसपी की अपील-संदेह हो तो पुलिस को दें सूचना
बिलासपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी व्यक्ति की पहचान, निवास या दस्तावेजों को लेकर संदेह होने पर अथवा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचना दें। इसके लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-1905 जारी किया गया है।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
बिलासपुर पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार पूर्व में भी संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। थाना तोरवा क्षेत्र में मोहम्मद हुसैन उर्फ सुब्रती शर्मा उर्फ सागर की पहचान बांग्लादेश के जशोर जिले के निवासी के रूप में होने के बाद 12 जुलाई 2025 को उसके खिलाफ बांग्लादेश निर्वासन की कार्रवाई की गई थी।
वहीं, 17 मार्च 2025 को थाना तोरवा में बांग्लादेश की नाबालिग बालिका के अपहरण के मामले में हृदय कुमार शर्मा के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था। न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद उसे बांग्लादेश डिपोर्टेशन की कार्रवाई तक रायपुर स्थित होल्डिंग-डिटेंशन सेंटर भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
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