CBN36 रायपुर। नवा रायपुर अटल नगर को देश की अग्रणी ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया गया है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने मंगलवार को सेक्टर-12 फेस-2 में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की 119.89 करोड़ रुपये की आवासीय परियोजना का भूमिपूजन किया। परियोजना के तहत एचआईजी और एमआईजी श्रेणी के 348 भवनों का निर्माण किया जाएगा। आवास की बढ़ती मांग को देखते हुए इसी सेक्टर में आगामी चरण में 704 नए फ्लैट भी बनाए जाएंगे।
मांग के आधार पर ही शुरू होंगी आवासीय परियोजनाएं

मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि गृह निर्माण मंडल को नई दिशा देने के लिए कई नीतिगत सुधार किए गए हैं। मंडल को करीब 700 करोड़ रुपये का ऋण चुकाकर कर्जमुक्त किया गया है। अब बिना मांग के किसी स्थान पर आवासीय परियोजना शुरू नहीं की जाएगी।
उन्होंने बताया कि किसी परियोजना में 60 प्रतिशत बुकिंग होने या शुरुआती तीन माह में 30 प्रतिशत बुकिंग होने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे मांग आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा और बिना मांग के बने मकानों के लंबे समय तक खाली रहने की समस्या दूर होगी।
सरकारी निर्माण की छवि से अलग दिखेंगी कॉलोनियां
मंत्री ने हाउसिंग बोर्ड को केवल आवास निर्माण तक सीमित न रहकर प्रोफेशनल ऑर्गेनाइजेशन के रूप में अपनी पहचान मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।
उन्होंने कहा कि केवल सरकारी एसओआर के आधार पर काम करने के बजाय जरूरत के अनुसार बेहतर गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया जाए। मकानों में अच्छी गुणवत्ता की टाइल्स, फिटिंग्स और आधुनिक रंगों का प्रयोग किया जाए, ताकि हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियां पारंपरिक सरकारी परियोजनाओं से अलग नजर आएं। गुणवत्ता सुधार के लिए परियोजना लागत में 5 से 10 प्रतिशत तक वृद्धि होती है तो इसे बेहतर सुविधाएं देने के नजरिए से देखा जाना चाहिए।
आरडब्ल्यूए को मजबूत करने पर जोर

ओपी चौधरी ने हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) को मजबूत करने और कॉलोनियों का समय पर हैंडओवर सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कॉलोनी के विकास और रखरखाव की जिम्मेदारी सरकार के साथ-साथ रहवासियों की भी है।
उन्होंने सेक्टर-12 के रहवासियों से आरडब्ल्यूए का गठन कर कॉलोनी के रखरखाव में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। नए हितग्राहियों से भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी में सहयोग करने और किसी कमी की जानकारी मंडल के अध्यक्ष, आयुक्त या संबंधित अधिकारियों को देने को कहा।
शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक के क्षेत्र में बढ़ रहा नवा रायपुर

मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर तेजी से देश की प्रमुख ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित हो रहा है। शहर का करीब एक-तिहाई हिस्सा रिक्रिएशनल क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया है, जबकि 28 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में हरियाली है।
उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हो रहा है। यहां एनआईएफटी, एनएफएसयू, एनआईईएलआईटी, आईआईएम, एचएनएलयू और आईआईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं। इसके अलावा नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, श्री श्री रविशंकर केंद्र, ब्रह्मकुमारी परिसर, एआई डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर यूनिट जैसी परियोजनाएं भी शहर के विकास को गति दे रही हैं।
स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। सत्य साईं अस्पताल में जरूरतमंद मरीजों के निःशुल्क हृदय ऑपरेशन किए जा रहे हैं। अस्पताल परिसर के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई गई है, जहां हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर, जीनोम रिसर्च सेंटर और नर्सिंग कॉलेज जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
खेल और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी पहचान बनाने की तैयारी
ओपी चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में खेल, कॉन्फ्रेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। आने वाले एक-दो वर्षों में वर्तमान में चल रही कई परियोजनाओं का असर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
उन्होंने सेक्टर-12 फेस-2 के नए हितग्राहियों को बधाई देते हुए कहा कि नवा रायपुर में आवास लेना सही निर्णय है। निर्माण एजेंसी और अधिकारियों को परियोजना निर्धारित समय-सीमा से पहले गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
सेक्टर-12 फेस-2 में 348 भवन, 704 फ्लैट का अगला चरण
हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि सेक्टर-12 फेस-2 में शेष 29.20 एकड़ भूमि पर एचआईजी और एमआईजी श्रेणी के 348 भवन बनाए जाएंगे। इन भवनों का बेस विक्रय मूल्य 45.70 लाख रुपये से 85.17 लाख रुपये तक निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि बढ़ती मांग को देखते हुए इसी सेक्टर में अगले चरण में 704 नए फ्लैट बनाए जाएंगे। इनमें 128 एचआईजी, 320 एमआईजी और 256 एलआईजी श्रेणी के फ्लैट शामिल होंगे। इन आवासों का प्रस्तावित बेस विक्रय मूल्य 16.76 लाख रुपये से 40.47 लाख रुपये तक है।
समय से पहले पूरा करने का लक्ष्य
हाउसिंग बोर्ड के सचिव अंकित आनंद ने कहा कि आवासीय परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को प्राथमिकता दी जा रही है। सेक्टर-12 फेस-2 की परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कर हितग्राहियों को बेहतर आवास उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
आयुक्त अवनीश शरण ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड ने वर्ष 2007 में सेक्टर-27 की 154 एकड़ भूमि पर नवा रायपुर में पहली आवासीय कॉलोनी शुरू की थी। यहां 2665 स्वतंत्र भवन और फ्लैट का निर्माण वर्ष 2014 में पूरा कर आबंटियों को सौंपा गया। वर्ष 2011 में सेक्टर-29 की 145 एकड़ भूमि पर दूसरी आवासीय कॉलोनी शुरू हुई, जहां 3012 भवन और फ्लैट का निर्माण वर्ष 2015 में पूरा किया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत सेक्टर-16, 30 और 34 की 43 एकड़ भूमि पर वर्ष 2016 से आवास निर्माण शुरू हुआ। यहां ईडब्ल्यूएस के 2312 और एलआईजी के 2232, कुल 4544 फ्लैट बनाए जा रहे हैं। इनमें से 1871 भवनों का आधिपत्य हितग्राहियों को दिया जा चुका है।
सेक्टर-12 फेस-1 में 40.06 एकड़ भूमि पर वर्ष 2018 में शुरू हुई परियोजना में एचआईजी और एमआईजी श्रेणी के 450 स्वतंत्र भवनों का निर्माण एवं विकास कार्य पूरा कर आबंटियों को सौंपा जा चुका है।
पीपल का पौधा रोपकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी सहित उपस्थित अतिथियों ने पीपल का पौधा रोपा। इस दौरान पौधों के संरक्षण और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया गया।
मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर को हरित और पर्यावरण-अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने में पौधरोपण के साथ पौधों का संरक्षण भी महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, मंडल के अधिकारी-कर्मचारी, सेक्टर-12 के रहवासी, नए हितग्राही और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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