बिलासपुर। कोटा थाना क्षेत्र के ग्राम घोरामार में एक 67 वर्षीय अनपढ़ बुजुर्ग के साथ बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि नामांतरण कराने का झांसा देकर दो लोगों ने पहले विभिन्न दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर कराए, फिर करीब चार एकड़ कृषि भूमि किसी अन्य के नाम बेच दी। इतना ही नहीं, अधिवक्ता की फीस देने का बहाना बनाकर उनके बैंक खाते से तीन किश्तों में सात लाख रुपये भी निकलवा लिए। शिकायत पर कोटा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, ग्राम घोरामार निवासी चैनदास मानिकपुरी (67) ने शिकायत में बताया कि वह अनपढ़ हैं और मजदूरी कर जीवनयापन करते हैं। बड़े भाई ने लिखित बंटवारे में उन्हें करीब चार एकड़ कृषि भूमि दी थी। जमीन का नामांतरण कराने के लिए उन्होंने एक अधिवक्ता से संपर्क किया। अधिवक्ता ने नामांतरण की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए उनके दस्तावेज कोटा निवासी संतोषदास मानिकपुरी और सोनूदास मानिकपुरी को सौंप दिए।
शिकायत के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि जमीन उनके नाम दर्ज करा देंगे और इस संबंध में किसी को जानकारी नहीं देने की हिदायत दी। चैनदास ने बताया कि वह हमेशा अंगूठा लगाते थे, लेकिन आरोपियों ने उनका हाथ पकड़कर हस्ताक्षर करना सिखाया और अलग-अलग दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लिए।
बाद में तहसील कार्यालय में दस्तावेजों की जांच के दौरान उन्हें पता चला कि नामांतरण कराने के बजाय संबंधित खसरों की करीब चार एकड़ कृषि भूमि किसी अन्य व्यक्ति के नाम विक्रय कर दी गई है। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने अधिवक्ता की फीस के नाम पर ढाई लाख रुपये देने की बात कही और 27 अप्रैल से 4 मई के बीच कोटा स्थित उनके बैंक खाते से तीन किश्तों में कुल सात लाख रुपये निकलवा लिए।
चैनदास का कहना है कि उनकी अशिक्षा का फायदा उठाकर पहले जमीन अपने नाम से निकलवा ली गई और फिर बैंक खाते से भी पूरी रकम निकाल ली गई। मामले की शिकायत मिलने पर कोटा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
एसडीओपी नूपुर उपाध्याय ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। जमीन के नामांतरण, विक्रय संबंधी दस्तावेजों और बैंक खाते से हुई निकासी की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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