बिलासपुर। ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में यदि रेलवे आरक्षण काउंटर से जारी मूल आरक्षित टिकट घर पर ही छूट जाए तो यात्रियों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। भारतीय रेलवे के प्रचलित नियमों के तहत ऐसे यात्रियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार यात्रा जारी रखने में सहायता मिल सकती है।
रेलवे के अनुसार, यदि कोई यात्री काउंटर से जारी आरक्षित टिकट साथ लाना भूल जाता है और ट्रेन में यात्रा कर रहा है, तो उसके परिजन या अधिकृत प्रतिनिधि संबंधित प्रस्थान स्टेशन के स्टेशन मास्टर के पास मूल टिकट प्रस्तुत कर सकते हैं। टिकट का सत्यापन होने के बाद स्टेशन मास्टर रेलवे के नियमों के अनुरूप संबंधित अग्रिम स्टेशन को आवश्यक सूचना भेजते हैं। इसके आधार पर रेलवे अधिकारी नियमानुसार कार्रवाई करते हुए वास्तविक यात्री को यात्रा जारी रखने में मदद करते हैं।
हालांकि, यह सुविधा केवल रेलवे आरक्षण काउंटर से जारी मूल आरक्षित टिकट पर ही लागू होती है। आईआरसीटीसी के माध्यम से बुक किए गए ई-टिकट इस प्रक्रिया के दायरे में नहीं आते।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यदि यात्रा के दौरान पता चले कि काउंटर टिकट साथ नहीं है, तो वे तुरंत ट्रेन में मौजूद टिकट जांच कर्मचारी (टीटीई) को इसकी जानकारी दें। साथ ही अपने परिजनों को मूल टिकट संबंधित प्रस्थान स्टेशन के स्टेशन मास्टर के पास जल्द से जल्द पहुंचाने के लिए कहें, ताकि नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई समय पर की जा सके।
रेलवे ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन 139 चौबीसों घंटे संचालित है, जहां यात्रा से संबंधित जानकारी और सहायता प्राप्त की जा सकती है।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले टिकट और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करने की भी अपील की है, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।
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