रायपुर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके देहरादून स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ के मीडिया प्रतिनिधियों और अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड के विकास, सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण और पत्रकार कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार विकास भी विरासत भी के मूल मंत्र के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि नैनीताल, गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए अलग-अलग क्षेत्रीय विकास प्राधिकरणों के माध्यम से योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है, ताकि आधुनिक विकास के साथ सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ऋषि-मुनियों और संतों की तपोस्थली है तथा इसकी आध्यात्मिक पहचान और प्राकृतिक संपदा का संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है। पर्यावरण संरक्षण को भविष्य की पीढ़ियों के लिए आवश्यक बताते हुए उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन पर विशेष बल दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी सोच की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकारों के अध्ययन भ्रमण जैसे प्रयास दोनों राज्यों के बीच वैचारिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई दिशा देते हैं। उन्होंने भ्रमण कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह तथा संयुक्त सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क रजत बंसल की भी प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत करने और पत्रकार कल्याण की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय कार्य किए हैं। ऐसे अंतर्राज्यीय भ्रमण मीडिया को विभिन्न राज्यों के विकास कार्यों और संस्कृति को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने अगले वर्ष हरिद्वार में आयोजित होने वाले महाकुंभ में छत्तीसगढ़ सहित देशभर के मीडिया प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया। उन्होंने सुझाव दिया कि महाकुंभ के दौरान विभिन्न राज्यों के मीडिया प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर उन्हें उत्तराखंड की आध्यात्मिक परंपरा और व्यवस्थाओं से परिचित कराया जाए, ताकि वे अपने अनुभव देशभर के लोगों तक पहुंचा सकें।
प्रतिनिधिमंडल में दुर्ग, रायपुर, कोरबा, जगदलपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, कोरिया और धमतरी जिले के मीडिया प्रतिनिधियों के साथ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क संचालनालय के अधिकारी शामिल थे। इस दौरान उत्तराखंड सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक बंशीधर तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री पांडे, संयुक्त संचालक श्री के.एस. चौहान सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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