Explore

Search

July 4, 2026 1:41 pm

संभावित अल्प वर्षा से निपटने को सरकार तैयार, किसानों को खाद-बीज की नहीं होगी कमी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खरीफ सीजन-2026 और संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को लेकर शुक्रवार को अपने निवास कार्यालय में कृषि विभाग एवं विकसित भारत-वीबी-जी राम जी योजना की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में मौसम की संभावित स्थिति, खाद-बीज की उपलब्धता, जल संरक्षण, सिंचाई प्रबंधन, वैज्ञानिक खेती तथा ग्रामीण रोजगार से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और किसी भी परिस्थिति में उन्हें खाद, बीज, तकनीकी मार्गदर्शन या अन्य आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक जिले के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से अतिरिक्त डीएपी उर्वरक उपलब्ध कराने के आग्रह के बाद राज्य को 46 हजार टन से अधिक डीएपी की आपूर्ति प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि इससे खरीफ सीजन में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।

उन्होंने अधिकारियों को धान की फसल के लिए सिंचाई जल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा वर्षा आधारित क्षेत्रों में जल स्रोतों का वैज्ञानिक प्रबंधन करने के निर्देश दिए। साथ ही किसानों को कम एवं मध्यम अवधि में पकने वाली धान की किस्मों, डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर), कतार पद्धति से बुवाई, बीज उपचार, नमी संरक्षण और वैज्ञानिक खेती की आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने उच्च भूमि वाले क्षेत्रों में दलहन एवं तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने तथा अमानक बीज एवं उर्वरकों की बिक्री एवं कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने किसानों से कृषि संबंधी सलाह के लिए कृषि महाविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों, अनुसंधान संस्थानों और कृषि विभाग के विशेषज्ञों से संपर्क करने की अपील की।

बैठक में बताया गया कि राज्य में खाद एवं बीज का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और सभी जिलों में समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने की व्यवस्था कर ली गई है। अर्ली वेरायटी के धान बीज भी बीज निगम के माध्यम से उपलब्ध कराने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने संभावित अल्प वर्षा से निपटने के लिए ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षा जल संरक्षण, खेत तालाब, जल संरचनाओं के निर्माण तथा भूजल संवर्धन को प्राथमिकता देने पर बल दिया। साथ ही किसानों की सुरक्षा के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग के ‘सचेत’, ‘दामिनी’ और ‘मेघदूत’ मोबाइल एप का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा सहकारी समितियों के माध्यम से उचित दर पर खरपतवारनाशक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बैठक में जानकारी दी गई कि विकसित भारत-वीबी-जी राम जी योजना का क्रियान्वयन 1 जुलाई 2026 से प्रारंभ हो चुका है। योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार मिलेगा तथा मजदूरी दर 300 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई है। योजना में जल संरक्षण, जल सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के माध्यम से ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, जिनसे ग्रामीणों को रोजगार के साथ-साथ प्रदेश की जल सुरक्षा भी मजबूत हो। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय के नियमित बुलेटिनों का व्यापक प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया एवं पारंपरिक माध्यमों से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, कृषि संचालक  राहुल देव, विकसित भारत-वीबी-जी राम जी योजना के आयुक्त तारणप्रकाश सिन्हा, भारत मौसम विज्ञान विभाग की विशेषज्ञ श्रीमती गायत्री वानी, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अनुसंधान सेवाओं के निदेशक विवेक कुमार त्रिपाठी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

Advertisement Carousel
CRIME NEWS

BILASPUR NEWS