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June 27, 2026 6:41 pm

जांजगीर-चांपा पुलिस ने पांच डिजिटल पोर्टलों पर दिया प्रशिक्षण, तकनीक आधारित पुलिसिंग पर जोर

जांजगीर। पुलिस अधीक्षक आईपीएस विजय पाण्डेय के निर्देश पर पुलिस लाइन जांजगीर में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें जिले के थाना-चौकी प्रभारियों, रीडर एवं CCTNS ऑपरेटरों को eDAR, ई-साक्ष्य, पीएम राहत योजना, सीएम हेल्पलाइन 1076 और मिशन वात्सल्य जैसे पांच प्रमुख डिजिटल पोर्टलों के प्रभावी संचालन का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को अधिक तकनीक आधारित, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाना रहा।

कार्यक्रम में सड़क दुर्घटनाओं की जांच, डिजिटल साक्ष्यों के सुरक्षित संकलन, शिकायतों के समयबद्ध निराकरण और बच्चों के संरक्षण से जुड़े प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात उदयन बेहार ने eDAR इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट पोर्टल के संबंध में बताया कि सड़क दुर्घटना से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज, जैसे एफआईआर, घटनास्थल के फोटो, पंचनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट, अब 48 घंटे के भीतर ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे। इससे जानकारी सीधे न्यायालय, बीमा कंपनियों और परिवहन विभाग तक पहुंचेगी तथा पीड़ित परिवारों को मुआवजा मिलने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। उन्होंने समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

प्रशिक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों को ई-साक्ष्य प्रणाली के तहत डिजिटल साक्ष्यों के संग्रहण, संरक्षण, दस्तावेजीकरण और न्यायालयीन प्रक्रिया में उनके विधिसम्मत उपयोग की जानकारी दी गई। अधिकारियों को तकनीक आधारित विवेचना को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने पर विशेष बल दिया गया।

पीएम राहत योजना के तहत दुर्घटना, अपराध अथवा अन्य पात्र परिस्थितियों से प्रभावित व्यक्तियों एवं उनके आश्रितों को समयबद्ध आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया समझाई गई, ताकि पीड़ितों को शीघ्र राहत और पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके।

वहीं सीएम हेल्पलाइन 1076 में प्राप्त शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से परीक्षण कर निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई पूरी करते हुए पोर्टल पर स्पष्ट जानकारी दर्ज करें।

कार्यशाला में मिशन वात्सल्य पोर्टल के माध्यम से बेसहारा, गुमशुदा, शोषण के शिकार अथवा संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के मामलों का ऑनलाइन पंजीयन, केस हिस्ट्री अपडेट करने तथा चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के साथ समन्वय की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि इससे बच्चों तक संरक्षण और शासकीय योजनाओं का लाभ अधिक तेजी से पहुंचाया जा सकेगा।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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