Explore

Search

May 1, 2026 2:38 pm

कानाफूसी

शराब घोटाला, कारोबारी और ईडी की छापेमारी


शराब घोटाले की गूंज अब भी उसी अंदाज में सुनाई दे रही है। जब यह घोटाला फूटा था तब छत्तीसगढ़ में सियासी तूफान आ गया था, या ऐसा भी कह सकते हैं, सियासी बवंडर जैसे हालात छत्तीसगढ़ में तब बन गए थे। इसी बवंडर में कांग्रेस की सरकार निपट गई। सरकार ही क्यों, नामचीन चेहरे भी बवंडर के चपेट में आ गए। आईएएस अफसरों से लेकर कारोबारी और सियासत से जुड़े बड़े चेहरे। सब के सब बेपर्दा हो गए और दागदार भी। घोटाले की गूंज आज भी सुनाई दे रही है। गुरुवार को तो न्यायधानी में दिखाई भी दी। शराब के बोतल में पता नहीं और कितने दागदार नीचे उतरेंगे। बहरहाल ईडी की छापेमारी जारी है।

सराफा कारोबारी और शराब घोटाला


सराफा और शराब घोटाला, पढ़ने में जितना अटपटा लग रहा है, लिखने में उससे भी ज्यादा। दोनों धंधे में काम एकदम अलग। काम से लेकर सौदेबाजी सबकुछ अलग। धंधे में दोनों का कोई मेल भी नहीं है। एक धंधे से जुड़े आदमी दूसरे धंधे में फिट बैठ भी नहीं सकता। एक तरफ तोला और मासा का हिसाब तो दूसरी तरफ छोटे से लेकर बड़ी बोतल और देसी से लेकर विदेशी ब्रांड का हिसाब। न्यायधानी के कारोबारी ने गजब कर दिखाया। तोला, मासा का हिसाब रखते-रखते बोतल का भी हिसाब रखने लगे। हिसाब ऐसा रखा कि सीधे ईडी पहुंच गई। गजब का हिसाब किताब वाले इस कारोबारी का पता ईडी को मिल ही गया। जांच एजेंसी की जांच में पता चलेगा कि तोला मासा वाले कारोबारी ने बोतलों को कैसे और किस अंदाज में ठिकाने लगाया। कैश किसके लिए इकट्ठा किया और कहां पहुंचाया।

आज से दो तिहार, सुशासन और जगणना


आज से छत्तीसगढ़ में एक साथ दो तिहार की शुरुआत हो गई। सुशासन तिहार और राष्ट्रीय जनगणना पर्व। सुशासन तिहार सीधे एक महीने से कुछ ज्यादा चलेगी। जनगणना दो चरणों में पूरा होगा। इसमें अधिकांश गुरुजी और स्थानीय निकायों के अमलों की ड्यूटी लगाई गई है। राज्य सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है, जिनकी ड्यूटी लगी है उनको छुट्टी नहीं मिलेगी और ना ही बहानेबाजी भी चलेगी। मतलब साफ है, आपका मन हो या ना हो, काम को तो करना ही होगा, काम से भागे तो सस्पेंशन की सजा मिलेगी। कुछ कर्मियों ने अब भी तरीका खोजने और जुगाड़ देखने में लगे हुए हैं। अब देखते हैं, तरीका काम आता है या फिर जुगाड़।

शिक्षा विभाग में ये क्या हो रहा है


बिलासपुर जिले की शिक्षा कार्यालय में वह भी जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में जो कुछ घट रहा है, इसे देखकर और सुनकर अचरज होता है। नाम शिक्षा विभाग और हरकत ऐसी कि बेशर्म भी शरमा जाए। शिक्षा में गड़बड़ी, घोटाला यह सब देखकर और लिखकर किसे अच्छा लगता है। बच्चों को नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले विभाग के आला अधिकारी अगर इस तरह की हरकत करते रहेंगे तो बच्चों को क्या शिक्षा देंगे और किस तरह नैतिकता की पाठ पढ़ाएंगे। प्रमोशन के नाम पर घोटाला, मेडिकल बिल जारी करने के नाम पर लेनदेन, युक्तियुक्तिकरण के नाम पर फर्जीवाड़ा, मृत शिक्षक की ग्रेज्युटी व अन्य राशि निकालने के नाम पर लाखाें की घुसखोरी, कुछ ऐसा ही चल रहा है,बिलासपुर के डीईओ कार्यालय में।

अटकलबाजी


जनगणना और सुशासन तिहार से पीछा छुड़ाने के लिए कितने कर्मचारी एप्रोच लगा रहे हैं, कितने फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए चिकित्सकों के अस्पताल और ऑफिस का चक्कर काट रहे हैं।

शराब घोटाले में ईडी की शहर में दबिश के बाद सराफा कारोबारियों में किस तरह की बेचैनी देखी जा रही है। और किसी का नाम ईडी के राडार पर तो नहीं।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

Advertisement Carousel
CRIME NEWS

BILASPUR NEWS