“खनिज अधिनियम 2009 में “दूरी को लेकर ‘एयर डिस्टेंस’ या “एरियल डिस्टेंस ”जैसे किसी नियम का उल्लेख नहीं है, इसके बावजूद अब तकनीकी निगरानी के माध्यम से परिवहन की वास्तविक समय में ट्रैकिंग”

छत्तीसगढ़ ।राज्य में खनिज परिवहन और भंडारण व्यवस्था को पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए खनिज विभाग ने ऑनलाइन सिस्टम 2.0 को सख्ती से लागू कर दिया है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि इस आधुनिक सर्विलांस सिस्टम के चलते अब अवैध परिवहन और खनिज चोरी की संभावना लगभग समाप्त हो गई है।
जानकारी के अनुसार, खनिज अधिनियम 2009 में ‘एयर डिस्टेंस’ जैसे किसी नियम का उल्लेख नहीं है, इसके बावजूद अब तकनीकी निगरानी के माध्यम से परिवहन की वास्तविक समय में ट्रैकिंग की जा रही है। विभाग द्वारा लागू ऑनलाइन 2.0 वर्जन में खनिज से जुड़े सभी भंडारण स्थल, परिवहन साधन और ट्रांजिट पास डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इस सिस्टम के तहत हर वाहन की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। वाहन कब, कहां से और कितनी मात्रा में खनिज लेकर निकला-इसकी पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज होती है। इससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या हेरफेर की तुरंत पहचान संभव हो पाती है।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध दस्तावेज के खनिज परिवहन अब संभव नहीं है। यदि कोई वाहन निर्धारित मार्ग या समय से विचलित होता है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करता है, जिससे मौके पर ही कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
खनिज विभाग के अनुसार, सभी वैध भंडारण स्थलों को भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है, जिससे स्टॉक की निगरानी पारदर्शी तरीके से हो रही है। इससे अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर भी प्रभावी रोक लगी है।
अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन 2.0 सिस्टम लागू होने के बाद से विभाग को सकारात्मक परिणाम मिले हैं और अवैध गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आई है। विभाग आगे भी इस व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रहा है, ताकि खनिज संसाधनों का वैध और नियंत्रित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
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