छत्तीसगढ़ ।बिलासपुर जिले में ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ सख्ती के बीच बेलगहना चौकी पुलिस की कार्रवाई को न्यायालय से भी समर्थन मिला है। शादी समारोह में तेज आवाज में डीजे बजाने पर जब्त किए गए उपकरणों को सुपुर्दनामे पर लौटाने से कोर्ट ने इनकार कर दिया है।
पुलिस विभाग द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईपीएस रजनेश सिंह के निर्देश पर जिले में ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 17 मार्च की रात बेलगहना चौकी प्रभारी हेमंत सिंह को सूचना मिली कि केबिनपारा क्षेत्र में तेज आवाज में डीजे बजाया जा रहा है, जिससे बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे कक्षा 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों और आसपास के लोगों को परेशानी हो रही है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर डीजे वाहन CG 11 AD 0507 सहित स्पीकर, एम्प्लीफायर, जनरेटर, लाइट उपकरण व अन्य सामग्री जब्त की। मामले में छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 4 व 10 के तहत कार्रवाई करते हुए प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
मामले में डीजे संचालक श्याम यादव (45) द्वारा जब्त सामान को सुपुर्दनामे पर वापस लेने के लिए आवेदन दिया गया, जिसे विचारण न्यायालय ने निरस्त कर दिया। इसके बाद सत्र न्यायालय में दायर पुनरीक्षण याचिका को भी सत्र न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरैशी ने खारिज कर दिया।
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि “मौन ही संगीत का सर्वोच्च रूप है, जबकि शोर केवल अशांति को जन्म देता है। जब एक व्यक्ति का सुख दूसरे के लिए कष्ट बन जाता है, तो न्याय का तराजू उसे अस्वीकार करने की मांग करता है।” अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे उपकरणों को वापस करना कानून के उद्देश्य के विपरीत होगा।
एसएसपी बिलासपुर ने क्या कहा

“बोर्ड परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, यह पुलिस की प्राथमिकता है। ध्वनि प्रदूषण के मामलों में लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।”
उन्होंने कहा न्यायालय ने भी माना कि पुलिस की कार्रवाई सार्वजनिक हित, छात्रों की पढ़ाई और सामाजिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उचित रही।
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