ऊंचे ब्याज पर कर्ज देकर ग्रामीणों को प्रताड़ित करने वाला आरोपी भी चढ़ा पुलिस के हत्थे ,8 मोटरसाइकिल बरामद,कर्जा एक्ट के तहत मामला दर्ज

“एसएसपी आईपीएस शशि मोहन सिंह ने कहा कि संपत्ति संबंधी अपराधों में शामिल गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चोरी करने वालों के साथ-साथ चोरी की संपत्ति खरीदने वालों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी”
छत्तीसगढ़ ।रायगढ़ जिले में बाइक चोरी की बढ़ती घटनाओं के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना और पूंजीपथरा पुलिस की संयुक्त टीम ने अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 21 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की हैं। पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपी सुखदेव चौहान को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका साथी शिव नागवंशी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।


कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चोरी की बाइक खरीदने वाले 9 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। बरामद मोटरसाइकिलों की कुल कीमत करीब 15 लाख रुपये आंकी गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईपीएस शशि मोहन सिंह के निर्देश पर जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में साइबर सेल को मुखबिर तंत्र सक्रिय कर बाइक चोरी करने वाले गिरोहों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए थे।
कर्जा एक्ट का आरोपी – चुडामणी गुप्ता और उससे जब्त बाइक

जाँच के दौरान पुलिस को पता चला कि ग्रामीणों को ऊंचे ब्याज पर रकम देकर प्रताड़ित करने का काम चूड़ामणि गुप्ता (ग्राम भकुर्रा) के द्वारा किया जा रहा है।इस पर साइबर थाना और लैलूंगा पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपी गुप्ता को हिरासत में लेकर उसके पास से 8 मोटरसाइकिल और एक रजिस्टर जब्त किया।
एएसपी अनिल सोनी ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपी ग्रामीणों से मोटरसाइकिल व कीमती सामान गिरवी रखकर 3% मासिक ब्याज पर पैसा देता था और बाद में उन्हें दबाव बनाकर प्रताड़ित करता था। एक ग्रामीण की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ ऋणियों के संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।एसएसपी शशि मोहन सिंह ने नागरिकों से केवल बैंक व वैध संस्थाओं से ही ऋण लेने की अपील की है।

इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम धौराडांड निवासी सुखदेव चौहान और किलकिला निवासी शिव नागवंशी, पूंजीपथरा, धरमजयगढ़ सहित ओड़िशा के भीड़भाड़ वाले इलाकों से बाइक चोरी कर सस्ते दामों में बेच रहे हैं। सूचना के आधार पर साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक और पूंजीपथरा थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित कर कार्रवाई की गई।

पुलिस ने संदेही को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें सुखदेव चौहान ने अपने साथी के साथ मिलकर कई वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। उसने जुलाई 2025 में सराईपाली बाजार से पैशन प्रो, अगस्त 2025 में तुमीडीह से पल्सर और मार्च 2026 में धरमजयगढ़ क्षेत्र के ग्राम पोरिया से एचएफ डीलक्स बाइक चोरी करना कबूला। इन मामलों में थाना पूंजीपथरा व धरमजयगढ़ में पहले से अपराध दर्ज हैं।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि चोरी की मोटरसाइकिलें उसने कार्तिक राम डूंगडूंग, रामकुमार वैष्णव, केशव यादव, भोजराम पैंकरा, जगदीश पैंकरा, शिवचरण चौहान, सुखचरण चौहान, अमित कुमार नागवंशी और शिवप्रसाद विश्वकर्मा को बेची थीं। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 14 बाइक बरामद कीं, जबकि 7 बाइक मुख्य आरोपी के बाड़ी से जप्त की गईं।
एएसपी अनिल सोनी ने बताया कि पेचकस से तोड़ते थे लॉक, सुनसान जगहों पर छिपाते थे बाइक

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पेशे से ड्राइवर हैं और वाहन मरम्मत का कार्य जानते हैं। इसी का फायदा उठाकर वे पेचकस जैसे सामान्य औजारों से बाइक का लॉक तोड़कर चोरी करते थे। चोरी के बाद बाइक को सुनसान स्थानों पर छिपाकर बाद में सस्ते दामों में बेच देते थे।
कई मामलों का हुआ खुलासा
गिरफ्तारी के बाद पूंजीपथरा, धरमजयगढ़ और ओड़िशा के विभिन्न क्षेत्रों से बाइक चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है। इनमें महुआ चौक, सराईपाली बाजार, धरमजयगढ़ बस स्टैंड, कोतबा अटल चौक, सरगीपाली, उज्जलपुर और लेफरीपारा क्षेत्र शामिल हैं।
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