
“डीआईजी एवं एसएसपी आईपीएस रजनेश सिंह ने बीट आरक्षकों की इस सक्रियता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ‘फ्रेंडली पुलिसिंग’ का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि आमजन के साथ विश्वास का मजबूत रिश्ता कायम करना भी है। उन्होंने सभी बीट आरक्षकों को इसी तरह लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहकर आम लोगों से संवाद बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए”
छत्तीसगढ़।बिलासपुर जिले में पुलिसिंग के बदलते स्वरूप का सकारात्मक प्रभाव अब गांव-गांव में साफ दिखाई देने लगा है। बिलासपुर पुलिस द्वारा अपनाई गई फ्रेंडली पुलिसिंग की अवधारणा को बीट आरक्षक जमीन पर साकार कर रहे हैं। उनकी सतत सक्रियता, नियमित भ्रमण और आमजन से सीधा संवाद न केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बना रहा है, बल्कि लोगों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास भी बढ़ा रहा है।
बीते कुछ समय में बीट आरक्षकों की मुस्तैदी से कई प्रकरणों में मिली सफलता ने यह साबित किया है कि यदि पुलिस और आमजन के बीच समन्वय बेहतर हो, तो अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। ग्रामीण क्षेत्रों में अब लोग अपने बीट प्रभारी आरक्षक से सीधे संपर्क में हैं, जिससे क्षेत्र में हो रही गतिविधियों की जानकारी समय पर पुलिस तक पहुंच रही है।
ग्रामीणों से सीधा संवाद, बढ़ा विश्वास

बीट आरक्षकों द्वारा नियमित रूप से गांवों का भ्रमण किया जा रहा है। इस दौरान वे ग्राम के पंच, सरपंच सहित अन्य ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनते हैं और समाधान के लिए आवश्यक पहल करते हैं। इस संवाद ने पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम किया है।
जागरूकता अभियान बना प्रभावी हथियार
भ्रमण के दौरान आरक्षक ग्रामीणों को साइबर अपराध, यातायात नियमों और बीट व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जागरूक कर रहे हैं। साइबर ठगी जैसे बढ़ते अपराधों के बीच यह पहल लोगों को सतर्क करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। साथ ही, यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ने से दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर
बीट स्तर पर मिली सूचनाओं के आधार पर पुलिस असामाजिक तत्वों पर लगातार निगरानी रख रही है। ग्रामीणों से प्राप्त सूचनाएं कई मामलों में कार्रवाई का आधार बन रही हैं, जिससे अपराधियों के हौसले पस्त हो रहे हैं।
एसएसपी आईपीएस रजनेश सिंह ने की सराहना
डीआईजी एवं एसएसपी आईपीएस रजनेश सिंह ने बीट आरक्षकों की इस सक्रियता और समर्पण की सराहना की है। उन्होंने कहा कि ‘फ्रेंडली पुलिसिंग’ का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि आमजन के साथ विश्वास का मजबूत रिश्ता कायम करना भी है। उन्होंने सभी बीट आरक्षकों को इसी तरह लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहकर आम लोगों से संवाद बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए।
सामूहिक भागीदारी से और मजबूत होगी व्यवस्था
इस मामले में जब पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए आमजन की भागीदारी आवश्यक है। यदि लोग सक्रिय रूप से पुलिस के साथ जुड़कर सूचनाएं साझा करें और नियमों का पालन करें, तो यह मॉडल और मजबूत हो सकता है।बिलासपुर पुलिस की यह पहल न केवल कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि ‘जनता के बीच पुलिस’ की अवधारणा को भी साकार कर रही है। बीट आरक्षकों की सक्रियता ने यह साबित कर दिया है कि संवेदनशील और सहभागितापूर्ण पुलिसिंग ही सुरक्षित समाज की नींव रख सकती है।
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