रायपुर, 16 मार्च 2026। विधानसभा में वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता, परिवहन तथा संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप के विभागों से संबंधित 3622 करोड़ 86 लाख 35 हजार रुपये की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। इसमें वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के लिए 2867.30 करोड़ रुपये, सहकारिता विभाग के लिए 389.40 करोड़ रुपये, परिवहन विभाग के लिए 243.50 करोड़ रुपये तथा राज्य विधानमंडल के लिए 122.65 करोड़ रुपये शामिल हैं।
अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और वनवासियों की आजीविका सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। आगामी वर्षा ऋतु में 3.50 करोड़ पौधे रोपने और वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। बिगड़े बांस वनों के पुनरोद्धार के लिए 80 करोड़ रुपये तथा क्षतिग्रस्त वनों के सुधार के लिए 310 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वन्यजीव संरक्षण और उनके आवास विकास के लिए 320.58 करोड़ रुपये तथा ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ के तहत 23.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मंत्री ने बताया कि वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को ई-कुबेर योजना के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मिला है।
उन्होंने बताया कि राज्य का लगभग 44.25 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है और भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार वन आवरण के मामले में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे स्थान पर है।
परिवहन विभाग के लिए 243.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। दूरस्थ क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का विस्तार किया गया है। वर्तमान में 80 मार्गों पर 81 बसें संचालित हो रही हैं, जिससे करीब 560 गांवों को पहली बार सुगम आवागमन की सुविधा मिली है।
सहकारिता विभाग के तहत पैक्स समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराने के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2025-26 में अब तक 15.55 लाख किसानों को 7822 करोड़ रुपये का ऋण दिया जा चुका है।
अनुदान मांगों की चर्चा में विधायक विक्रम मंडावी, अजय चंद्राकर, प्रबोध मिंज, चैतराम अटामी, धर्मजीत सिंह, संगीता सिन्हा और सावित्री मंडावी सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया।
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