
“एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा अपराध की विवेचना, और विवेचना की गोपनीयता भंग करने वालों की पहचान कर होगी कड़ी कार्रवाई”
बिलासपुर ।सरकण्डा थाना क्षेत्र में हुई लूट की घटना को लेकर जारी पुलिस प्रेस नोट अब केवल विवेचना की प्रगति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि विवेचना से जुड़ी गोपनीय सूचनाओं के लीक होने के गंभीर मुद्दे को भी सामने ले आया है। पुलिस द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से यह स्वीकार किया गया है कि कुछ माध्यमों में ऐसी जानकारियाँ प्रसारित हुई हैं, जो विवेचना को प्रभावित कर सकती हैं।
इस पूरे मामले पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि विभाग इस विषय पर पूरी तरह नजर रखे हुए है और यदि विवेचना से जुड़ी गोपनीय सूचनाएँ किसी भी स्तर से लीक की गई हैं, तो सूचना लीक करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी का यह बयान इस बात का संकेत है कि मामला केवल मीडिया रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि विभागीय अनुशासन और आंतरिक जवाबदेही का भी है। विवेचना प्रारंभिक और संवेदनशील चरण में होने के बावजूद यदि जानकारियाँ सार्वजनिक हो रही हैं, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि इसका स्रोत कहां है।
सीएसपी द्वारा जारी प्रेस नोट में यह भी उल्लेख किया गया है कि अप्रमाणित अथवा गोपनीय सूचनाओं के प्रकाशन से आरोपियों को अनावश्यक लाभ मिल सकता है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका रहती है। यह स्थिति कानून-व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन सकती है।
पुलिस का यह कहना कि हर समाचार का पृथक रूप से खंडन संभव नहीं है, एक हद तक व्यवहारिक है, लेकिन एसएसपी का सख्त रुख यह दर्शाता है कि अब विभाग के भीतर से होने वाली किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस प्रकरण में आगे और भी गंभीर तथ्यों की जांच जारी है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में आरोपियों के अन्य अपराधों और कृत्यों के संबंध में पूछताछ की जा रही है, जिसका विधिवत खुलासा समय आने पर किया जाएगा।
कुल मिलाकर, सरकण्डा लूट प्रकरण अब दोहरे मोर्चे पर खड़ा नजर आता है एक ओर अपराध की विवेचना, और दूसरी ओर विवेचना की गोपनीयता भंग करने वालों की पहचान और उन पर कार्रवाई। एसएसपी का सख्त संदेश साफ है कि सूचना लीक करने की किसी भी कोशिश को गंभीर अनुशासनात्मक अपराध माना जाएगा।
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