बिलासपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के लिए एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई जो विभाग ने एक होनहार थानेदार को को खो दिया जिससे पुलिस महकमे में शोक की लहर छा गई है ।मुंगेली जिले के जरहागांव थाना प्रभारी एसआई नंदलाल पैकरा का राजस्थान के भरतपुर में एक भीषण सड़क हादसे में निधन हो गया। वे अवकाश लेकर अपने साथियों के साथ निजी भ्रमण पर राजस्थान–दिल्ली यात्रा पर गए हुए थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार उप निरीक्षक नंदलाल पैकरा 13 जनवरी से पांच दिवसीय अवकाश पर थे। वे अपने कुछ साथियों के साथ कार से राजस्थान भ्रमण पर निकले थे। यात्रा के दौरान भरतपुर में सड़क किनारे स्थित एक ढाबे पर उन्होंने वाहन रोका। नंदलाल पैकरा कार से उतरकर ढाबे में खाना पैक कराने गए थे। खाना लेकर जब वे ढाबे से बाहर निकले, तभी एक कुत्ता उनके पीछे दौड़ पड़ा। कुत्ते से बचने के प्रयास में वे सड़क पर आ गए, इसी दौरान तेज रफ्तार से गुजर रहे एक ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। ट्रक की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के तुरंत बाद उनके साथियों ने उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही मुंगेली पुलिस प्रशासन हरकत में आया। मुंगेली एसपी भोजराम पटेल ने भरतपुर पुलिस से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई और सहयोग के निर्देश दिए। फिलहाल भरतपुर में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिसके बाद शव को मुंगेली लाया जाएगा। मुंगेली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार नंदलाल पैकरा पूरी तरह निजी यात्रा पर थे और हादसा अचानक घटित हुआ। इस दुखद घटना के बाद प्रदेशभर के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों में शोक व्याप्त है। मुंगेली एसपी भोजराम पटेल ने उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस विभाग ने एक कर्तव्यनिष्ठ, ईमानदार और अनुशासित अधिकारी को खो दिया है। उन्होंने कहा कि पैकरा अपने सरल स्वभाव और सख्त लेकिन न्यायपूर्ण कार्यशैली के लिए जाने जाते थे। 41 वर्षीय नंदलाल पैकरा ने अपने पुलिस करियर की शुरुआत आरक्षक के पद से की थी। आरक्षक रहते हुए ही उन्होंने सब इंस्पेक्टर की सीधी भर्ती परीक्षा की तैयारी की और कठिन परिश्रम के बल पर चयनित होकर उप निरीक्षक बने। उन्होंने 17 अगस्त 2013 को सब इंस्पेक्टर के पद पर ज्वाइन किया था। 15 मार्च 2015 तक उन्होंने चंद्रखुरी पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद जून 2016 तक रायगढ़ में पदस्थ रहे। जून 2016 से फरवरी 2020 तक नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में चार वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं। फरवरी 2020 से अगस्त 2023 तक वे पुनः रायगढ़ में पदस्थ रहे और अगस्त 2023 से वे मुंगेली जिले के जरहागांव थाने में थाना प्रभारी के रूप में कार्यरत थे। अपने सेवाकाल के दौरान उन्हें कुल 47 इनाम मिले थे। नंदलाल पैकरा मूल रूप से बिलासपुर जिले के कोटा ब्लॉक के आदिवासी ग्राम बानाबेल के निवासी थे। उनके पिता का नाम साहेब लाल है और वे कंवर आदिवासी समाज से आते थे। उनका जन्म 12 जनवरी 1985 को हुआ था। महज एक सप्ताह पहले ही उन्होंने अपना जन्मदिन मनाया था और उसके अगले दिन अवकाश पर रवाना हुए थे। उनकी पत्नी शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं।
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