बिलासपुर में प्रशासनिक जांच ने खोली स्कूल प्रबंधन की लापरवाही, एएसपी ने दी चेतावनी,तीन दिन में सुधार नहीं तो होगी सख्त कार्रवाई
छत्तीसगढ़ बिलासपुर।स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। जिले में यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त जांच में यह खुलासा हुआ है कि संचालित 233 स्कूल बसों में से 93 बसें सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह फेल पाई गईं। यह स्थिति न केवल स्कूल प्रबंधन की गैर-जिम्मेदारी को उजागर करती है, बल्कि उन अभिभावकों के लिए भी चेतावनी है, जो अनदेखी कर बच्चों को असुरक्षित बसों में स्कूल भेज रहे हैं।
भूतल एवं सड़क परिवहन मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार चल रहे राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के अंतर्गत बहतराई स्टेडियम परिसर में स्कूल बसों का मैकेनिकल मुलाइजा किया गया। जांच में 140 बसें मानकों के अनुरूप पाई गईं, जबकि शेष बसों में गंभीर तकनीकी व सुरक्षा संबंधी कमियां दर्ज की गईं।

जांच रिपोर्ट के अनुसार 18 बसें बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र, 37 बसें बिना अग्निशमन यंत्र, 12 बसें बीमा अथवा ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी त्रुटियों के साथ, 2 बिना बीमा, 1 बिना फिटनेस प्रमाणपत्र, 3 बिना टैक्स, 10 बिना प्राथमिक उपचार पेटी, 3 बिना सीसीटीवी, 5 बसों के विंडशील्ड टूटे हुए तथा 2 बसें बिना सुरक्षा जाली के पाई गईं। ऐसी बसों का संचालन बच्चों की जान को सीधे खतरे में डालने जैसा है।
चालक-स्टाफ भी अस्वस्थ, खतरा और बढ़ा

जांच के दौरान बस चालकों, परिचालकों एवं सहायक स्टाफ का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण भी कराया गया। कुल 233 कर्मियों की जांच में 26 शुगर, 21 उच्च रक्तचाप और 9 चर्म रोग से पीड़ित पाए गए। सभी को शीघ्र चिकित्सकीय परामर्श व नियमित उपचार लेने के निर्देश दिए गए।
तीन दिन की मोहलत, नहीं सुधरे तो कार्रवाई तय

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे एवं आरटीओ अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि बस संचालकों को तीन दिवस के भीतर सभी कमियां दूर करनी होंगी। निर्धारित समय में सुधार नहीं होने पर मोटर व्हीकल अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए वाहनों को ब्लैकलिस्ट करने और परमिट निरस्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जिन स्कूलों ने बसें जांच के लिए प्रस्तुत नहीं की हैं, वहां सीधे जाकर निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों से भी अपील

प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को केवल मानक अनुरूप और सुरक्षित बसों में ही स्कूल भेजें। बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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