बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय से जुड़े आत्मदाह प्रयास मामले में बीए एलएलबी के छात्र आयुष यादव की स्थिति दूसरे दिन भी चिंताजनक बनी हुई है। शुक्रवार को अपोलो अस्पताल के चिकित्सकों की सलाह पर उसे बेहतर इलाज के लिए विशेष एंबुलेंस से उत्तर प्रदेश के वाराणसी रवाना किया गया। वहां उसे बीएचयू या अपेक्स मेडिकल संस्थान में भर्ती कराए जाने की जानकारी सामने आ रही है।

कोनी क्षेत्र स्थित निजी हॉस्टल में आत्मदाह का प्रयास करने वाले आयुष यादव को पहले सिम्स और फिर अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार तड़के करीब चार बजे आयुष के पिता प्रमोद यादव, बड़े पापा और बड़ी मम्मी बिलासपुर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में डॉक्टरों से बेटे की हालत को लेकर विस्तार से चर्चा की। इलाज के दौरान अपोलो अस्पताल की ओर से लगभग 1.13 लाख रुपये का मेडिकल बिल परिजनों को सौंपा गया, जिसे जमा किया गया। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रशासन भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। लॉ डिपार्टमेंट के प्रमुख डॉ. सुधांशु रंजन महापात्रा और डॉ. अजय सिंह दिनभर परिजनों के संपर्क में रहे और सहयोग करते नजर आए। चिकित्सकों के अनुसार एक दिन पहले जहां आयुष का ब्लड प्रेशर काफी कम हो गया था, वहीं शुक्रवार को उसमें कुछ सुधार हुआ, हालांकि उसकी हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। परिजनों का कहना था कि उनका गृह राज्य उत्तर प्रदेश है और वाराणसी में बीएचयू व अपेक्स जैसे बड़े चिकित्सा संस्थान उपलब्ध हैं। इसी कारण डॉक्टरों से सलाह के बाद शाम करीब चार बजे विशेष एंबुलेंस से आयुष को वाराणसी ले जाने का निर्णय लिया गया। इधर, घटना के बाद से कोनी पुलिस ने आयुष के हॉस्टल के कमरे को सील कर रखा है। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम द्वारा जांच की बात कही थी, लेकिन शाम तक टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी। रूम पार्टनर समर्थ राज दिनभर कमरे के खुलने का इंतजार करता रहा ताकि वह अपनी जरूरी वस्तुएं निकाल सके। फिलहाल वह अन्य छात्रों के साथ बगल के कमरे में रह रहा है। पुलिस ने आयुष का मोबाइल जब्त कर लिया है, जिसमें आत्मदाह का वीडियो रिकॉर्ड होने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि छात्र की स्थिति बयान देने योग्य नहीं है और प्राथमिकता उसके स्वास्थ्य को दी जा रही है। जांच के बाद परिस्थितियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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