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January 19, 2026 5:00 pm

बड़े भाई ने दबाव बनाकर खुलवाया बैंक खाता, 5.51 लाख का संदिग्ध लेनदेन

बिलासपुर। सकरी थाना क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने अपने ही छोटे भाई पर दबाव बनाकर उसके नाम से बैंक खाता खुलवाया और फिर उस खाते का संदिग्ध लेनदेन में इस्तेमाल किया गया। खाते में करीब साढ़े पांच लाख रुपये का लेनदेन होने की जानकारी मिलने पर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का होने के कारण सकरी पुलिस ने शून्य में अपराध दर्ज कर डायरी सिविल लाइन थाने भेजने की तैयारी की है।


सकरी थाना प्रभारी विजय चौधरी ने बताया कि अमेरी के सत्यानगर निवासी सूर्यदेव मंगेशकर (24) ने अपने बड़े भाई पवन मंगेशकर और उसके दोस्त याकिब खान के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित के अनुसार उसका बड़ा भाई पवन मंगेशकर उसे लगातार बैंक खाता खुलवाने के लिए दबाव बना रहा था। सूर्यदेव के मना करने के बावजूद पवन उसे जबरन व्यापार विहार स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक लेकर गया। बैंक में पवन ने सूर्यदेव का आधार कार्ड और पैन कार्ड का उपयोग कर उसके नाम से खाता खुलवाया। इस दौरान पवन ने अपने तिफरा निवासी दोस्त याकिब खान का मोबाइल नंबर खाते में रजिस्टर करा दिया। खाता खुलते ही पवन और याकिब ने सूर्यदेव से एटीएम कार्ड और पासबुक अपने कब्जे में ले ली। इसके बाद दोनों ही खाते का संचालन करने लगे। कुछ दिनों बाद सूर्यदेव को जानकारी मिली कि उसके नाम से खुले बैंक खाते में अलग-अलग जगहों से लगातार पैसे जमा हो रहे हैं। इसके बाद ये रकम पवन और याकिब द्वारा निकाली जा रही थी। एक माह के भीतर ही खाते में करीब 5 लाख 51 हजार रुपये का लेनदेन हो चुका था। इस गतिविधि पर संदेह होने पर सूर्यदेव ने पूरे मामले की जानकारी सकरी थाने में दी। थाना प्रभारी विजय चौधरी ने बताया कि प्राथमिक जांच में बैंक खाते का इस्तेमाल म्यूल अकाउंट के रूप में किए जाने की आशंका जताई जा रही है। आशंका है कि कमीशन के लालच में  ठगी की रकम को इस खाते के जरिए इधर-उधर किया गया हो। फिलहाल इस खाते से जुड़ी किसी अन्य ठगी की शिकायत सामने नहीं आई है, लेकिन खाताधारक की शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया गया है। बैंक शाखा और लेनदेन का क्षेत्र सिविल लाइन थाना क्षेत्र में आता है, इसलिए शून्य में मामला दर्ज कर जांच के लिए डायरी सिविल लाइन थाने भेजी जा रही है। पुलिस का कहना है कि बैंक डिटेल, मोबाइल नंबर और लेनदेन की गहन जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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