वर्धा, 31 दिसंबर 2025।महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के 29वें स्थापनाोत्सव के अवसर पर सोमवार को महादेवी वर्मा सभागार में आवासीय लेखिका डॉ. क्षमा कौल की कहानी ‘चित्र’ तथा हिंदी साहित्य विभाग के विद्यार्थी खुशाल सिंह की पुरस्कृत कहानी ‘चिडिया’ का पाठ प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने कहा कि दोनों कहानियां मानवीय संवेदनाओं को स्वर देती हैं। उन्होंने कहा कि साहित्य केवल समाज का दर्पण नहीं होता, बल्कि वह संभावनाओं को भी रेखांकित करता है। अंधेरे में रोशनी दिखाकर आगे का मार्ग प्रशस्त करता है। प्रो. शर्मा ने कहा कि डॉ. क्षमा कौल एक परिपक्व और सशक्त कहानीकार हैं, जिनका साहित्य पाठक को आंदोलित करता है। उनकी कहानी ‘चित्र’ में विस्थापन का गहरा दर्द अभिव्यक्त हुआ है।
खुशाल सिंह की कहानी ‘चिडिया’ पर टिप्पणी करते हुए कुलपति ने कहा कि यह कहानी पाठकों का ध्यान आकर्षित करने की क्षमता रखती है और उत्कंठा पैदा करती है। उन्होंने कहा कि खुशाल सिंह में एक अच्छे कहानीकार बनने की प्रबल संभावना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ कुलगीत, सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन साहित्य विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. अवधेश कुमार ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कुलसचिव क़ादर नवाज़ खान ने किया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने डॉ. क्षमा कौल का स्वागत विश्वविद्यालय का स्मृति-चिह्न एवं सूतमाला भेंट कर किया। वहीं परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र गादेवार ने विद्यार्थी खुशाल सिंह का स्वागत किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
कार्यक्रम में हिंदी साहित्य विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. कोमल परदेसी, जनसंपर्क अधिकारी बी.एस. मिरगे सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी एवं शोधार्थी उपस्थित रहे। तकनीकी सहयोग सचिन बोळखे ने प्रदान किया, जबकि कार्यक्रम की सफलता में रामप्रवेश, अश्विन श्रीवास सहित अन्य कर्मियों का योगदान रहा।
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