बिलासपुर। रतनपुर क्षेत्र के लालपुर गांव में रहने वाली महिला की दो साल पहले पानी में डूबने से हुई मौत के बाद उसके स्वजन को शासन की आर्थिक सहायता आज तक नहीं मिल सकी है। आरोप है कि सहायता राशि के लिए तहसील कार्यालय में जमा की गई पूरी फाइल अब कार्यालय से गुम हो गई है। तहसील और एसडीएम कार्यालय के बाबू फाइल आगे बढ़ाने के बजाय परिजन को लगातार दफ्तरों के चक्कर लगवा रहे हैं, जिससे पीड़ित परिवार परेशान है।

लालपुर निवासी आदित्य सिंह ने बताया कि उनकी मां आरती सिंह का 14 सितंबर 2023 को पानी में डूबने से निधन हो गया था। घटना की सूचना पर रतनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस की सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद स्वजनों ने शासन के नियमानुसार आर्थिक सहायता के लिए रतनपुर तहसील कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया था। आदित्य के अनुसार, आवेदन के साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट, अंतिम जांच प्रतिवेदन, मृत्यु प्रमाण पत्र सहित सभी जरूरी दस्तावेज समय पर जमा किए गए थे। शुरुआत में तहसील कार्यालय के कर्मचारियों ने जल्द ही फाइल आगे बढ़ाने का भरोसा दिया, लेकिन इसके बाद एक साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हर बार बाबू अलग-अलग नियमों और प्रक्रियाओं का हवाला देकर नई तारीख दे देते हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे पिछले एक साल से तहसील और एसडीएम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। कभी फाइल लंबित बताई जाती है तो कभी यह कहा जाता है कि दस्तावेज पूरे नहीं हैं, जबकि सभी कागजात पहले ही जमा किए जा चुके हैं। हाल ही में कार्यालय कर्मचारियों ने यह कहकर चौंका दिया कि सहायता राशि से संबंधित पूरी फाइल ही गुम हो गई है।
फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर रुपये मांगने का आरोप
आदित्य सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले उनसे फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर रुपये की मांग भी की गई थी। उन्होंने रुपये देने से साफ इनकार करते हुए इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से कर दी। इसके बाद से ही कर्मचारी फाइल गुम होने की बात कहने लगे हैं। आदित्य का कहना है कि यदि फाइल वास्तव में गुम हुई है तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। इधर, महिला के परिजन शासन से मिलने वाली आर्थिक सहायता के लिए अब भी उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही समाधान नहीं हुआ तो वे कलेक्टर कार्यालय और उच्च स्तर पर शिकायत किया जाएगा।
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