आधुनिक कृषि और शिक्षा नीति पर हुआ व्याख्यान
वर्धा ।श्री शिवाजी शिक्षा संस्था, अमरावती द्वारा संचालित स्थानीय मॉडल हाईस्कूल में शिक्षा महर्षि डॉ. पंजाबराव देशमुख की 127वीं जयंती उत्साहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के आजीवन सदस्य रामदास कालमेघ ने की, जबकि उद्घाटन महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी बी. एस. मिरगे के हाथों संपन्न हुआ।
इस अवसर पर बी. एस. मिरगे ने डॉ. पंजाबराव देशमुख की आधुनिक कृषि एवं शिक्षा नीति विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि डॉ. पंजाबराव देशमुख की कृषि नीति आधुनिक तकनीक पर आधारित थी और उन्होंने कृषि को सहायक व्यवसायों से जोड़ने के लिए दूरदर्शी नीतियाँ अपनाईं। उन्होंने कृषि के साथ-साथ शिक्षा को भी सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण आधार माना। भारतीय कृषि एवं शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान को मिरगे ने अत्यंत महत्वपूर्ण बताया तथा संविधान निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम की प्रस्तावना विद्यालय के प्राचार्य अनिल अमझरे ने रखी। उन्होंने पाँच दिनों तक चलने वाले जयंती कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस अवसर पर रामदास कालमेघ, सेवानिवृत्त शिक्षक मनोहर लांडगे, सेवानिवृत्त प्राचार्य भाग्यश्री द्रव्यकार तथा अधिवक्ता ताम्रध्वज बोरकर ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में आदर्श विद्यालय आंजी के सेवानिवृत्त प्राचार्य एच. टी. दुरुगकर एवं माधुरी दुधाट की विशेष उपस्थिति रही। विद्यालय की ओर से बी. एस. मिरगे का शॉल, स्मृति-चिन्ह एवं पुष्प देकर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत छत्रपति शिवाजी महाराज एवं डॉ. पंजाबराव देशमुख के चित्रों पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन से हुई। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका सोनाली कौरती ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन शिक्षक राजीव बंसी ने किया। कार्यक्रम की सफलता के लिए वर्षा बोदे, रूपेश उइके एवं प्रमिला इरपाते ने सहयोग दिया। इस अवसर पर शिक्षक, अभिभावक एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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